भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी अकादमिक कार्यशाला में विद्यार्थियों ने जाना सांस्कृतिक विरासत का महत्व
अपनी संस्कृति को जानना, अपनी जड़ों को समझना है।
आज की युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन चिंतन से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। डी.वाई. पाटिल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, पुणे के विद्यार्थियों के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर एक दिवसीय विशेष अकादमिक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस–IKS के 20 विद्यार्थियों एवं 2 संकाय सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्यशाला के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, स्वदेशी अनुसंधान, पाठीय अभिलेखों, पांडुलिपियों तथा भारत की समृद्ध विरासत के विविध आयामों को करीब से जाना।
यह अकादमिक कार्यशाला कलानिधि प्रभाग द्वारा आयोजित की गईं। कार्यशाला के दौरान संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर लाल, विभागाध्यक्ष प्रो. के अनिल कुमार मौजूद रहे।

