प्रवासी रचना : “आंदोलन (कहानी-संग्रह “इमली का चटकारा” से)” – डॉ. योजना शाह जैन
प्रवासी रचना : “आंदोलन (कहानी-संग्रह “इमली का चटकारा” से)” – डॉ. योजना शाह जैन “आंदोलन” एक रोमांचक कहानी है जिसमें एक आंदोलन के परिदृश्य को जीवन्त रूप में रूपायित किया…
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प्रवासी रचना : “आंदोलन (कहानी-संग्रह “इमली का चटकारा” से)” – डॉ. योजना शाह जैन “आंदोलन” एक रोमांचक कहानी है जिसमें एक आंदोलन के परिदृश्य को जीवन्त रूप में रूपायित किया…
दिन विशेष प्रवासी रचना में डॉ. पद्मेश गुप्त की रचना “भारतीय भाषाएँ : हमारी सांस्कृतिक सरगम के स्वर” जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा संगोष्ठी में सक्रिय भागीदारी करने वाले…
विशेष विमर्श में शशि पाधा की रचना “हवा में तैरते सुर” इस ललित निबंध में, लेखिका ने अपनी स्मृतियों को संजोने का श्लाघ्य प्रयास किया है। लेखिका एक सैनिक की…
आज पढ़िए- महान फ्रांसीसी साहित्यकार विक्टर ह्यूगो की दो प्रसिद्ध कविताओं का सुन्दर काव्यानुवाद, जिसे किया है एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में और अमेजोन में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय मूल के…
आस्था, इतिहास और विज्ञान के बीच एक जटिल संवाद मनीष पाण्डेय ‘मनु’, नीदरलैंड्स दुनिया के सभी धर्मों, समुदाओं और भौगोलिक क्षेत्रों के इतिहास में कुछ ना कुछ ऐसी वस्तुएँ हैं…
विचारों की भीड़ (वार्तालाप) -इन्द्रा (धीर) वड़ेहरा प्रश्न :याद आते हैं दादा जी के शब्द जो अक्सर दोहराया करते थे : “ध्यान करने बैठो, साधना होने लगेगी।” ध्यान और साधना…
आजकल मैं भारत की राजधानी नई दिल्ली से कुछ 6300 किमी दूर, यूरोप के एक प्रतिष्ठित शहर लक्सेम्बर्ग में रहता हूँ। यह शहर इस देश की राजधानी भी है और…