Category: विविध प्रवासी रचनाएँ

दिन विशेष विमर्श में एक पिता का अपनी पुत्री से अमर प्रेम पर आधारित विक्टर ह्यूगो की दो कविताओं का मनीष पाण्डेय द्वारा काव्यानुवाद

आज पढ़िए- महान फ्रांसीसी साहित्यकार विक्टर ह्यूगो की दो प्रसिद्ध कविताओं का सुन्दर काव्यानुवाद, जिसे किया है एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में और अमेजोन में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय मूल के…

श्राउड ऑफ टूरिन का रहस्य

आस्था, इतिहास और विज्ञान के बीच एक जटिल संवाद मनीष पाण्डेय ‘मनु’, नीदरलैंड्स दुनिया के सभी धर्मों, समुदाओं और भौगोलिक क्षेत्रों के इतिहास में कुछ ना कुछ ऐसी वस्तुएँ हैं…

विचारों की भीड़ (वार्तालाप)

विचारों की भीड़ (वार्तालाप) -इन्द्रा (धीर) वड़ेहरा प्रश्न :​याद आते हैं दादा जी के शब्द जो अक्सर दोहराया करते थे : “ध्यान करने बैठो, साधना होने लगेगी।” ध्यान और साधना…

दो अँजुरी पानी

आजकल मैं भारत की राजधानी नई दिल्ली से कुछ 6300 किमी दूर, यूरोप के एक प्रतिष्ठित शहर लक्सेम्बर्ग में रहता हूँ। यह शहर इस देश की राजधानी भी है और…

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