ज्ञान से संस्कार, संस्कार से नेतृत्व की ओर : इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में 145 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान
ज्ञान से संस्कार, संस्कार से नेतृत्व की ओर…
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में आयोजित भव्य समारोह में 145 उपाधियाँ, अनगिनत सपने और संस्कृति की जड़ों से जुड़ा भविष्य, विषय पर एक गरिमामय कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें अनेक छात्र और शिक्षकों समेत विद्वान/विदुषी ने अपने विचार व्यक्त किए जो समावर्तन समारोह की सार्थकता है।
समावर्तन समारोह में 10 पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (2025-26) पाठ्यक्रमों के 145 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। यह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सीखने, साधना और संस्कृति से जुड़कर आगे बढ़ने की नई यात्रा का आरंभ है।
मुख्य अतिथि, राज्यसभा सांसद, इतिहासकार, शिक्षाविद डॉ. मीनाक्षी जैन ने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और सभ्यता पर गर्व करने तथा उसकी विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया।
इस अवसर पर केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि संस्थान के साथी अपने नियमित कार्यालयीन दायित्वों के बाद भी विद्यार्थियों को ज्ञान और मार्गदर्शन देने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को आज बौद्धिक नेतृत्व की आवश्यकता है और इस दिशा में हमारा योगदान उस गिलहरी के योगदान जैसा है, जो अपनी क्षमता के अनुसार राष्ट्र और समाज के निर्माण में सहभागी बनती है। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर लाल, शैक्षणिक प्रभारी डॉ.योगेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

