“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
हिंदी का वैश्विक मंच
“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
(विश्व पर्यावरण दिवस) : दोहे – डॉ. बबिता ‘किरण‘ मेरे आंगन झूमती, हरियाली की डोर।करती चिड़ियों की चहक, सुखद सुहानी भोर।। बना हुआ है घोंसला, चीं चीं का है शोर।काश…
“मेघ कहाँ से बरसेंगे” : कविता काट रहे हो जब पेड़ों को,मेघ कहाँ से बरसेंगे। मानव लगा हुआ है देखो,अंधाधुंध कटाई में।बिन बारिश सब हरियाली अरु,पैदावार खटाई में।।जल बिन अवनी…
प्रकृति, संवेदना और मानवता का काव्यात्मक घोष – ”धरती ने भिजवाई पाती“ : समीक्षा साहित्य जब केवल शब्दों का विन्यास न रहकर संवेदना का सजीव स्वर बन जाता है, तब…
“धरती ने भिजवाई पाती” : ( कविता ) धरती ने भिजवाई पातीजिसमें पीड़ा और उदासीझर झर उसके आँसू बहतेतेज गति से तरु जब कटते…. सुनो मनुज! अब मेरी गाथाकब तक…
धरती का दर्द – अनीता वर्मा आवारा बादल खुशी से गुनगुनाता हुआ नीचे जा रही नदी को देख कर दीवाना हो रहा था। साफ हवाएँ उनके इश्क को देखकर तेजी…
एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…
साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…
“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…
अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…
“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…
“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…
“मृणालिनी“ मेरी तेलुगु में अनुवादित पुस्तक – प्रो. माणिक्याम्बा “मणि” “ मृणालिनी “ मेरी तेलुगु में अनुवाद की पुस्तक है ।” मृणालिनी “ रवींद्रनाथ ठाकुर की धर्मपत्नी थीं । मृणालिनी…
राष्ट्रगान, राष्ट्रवाद और रवींद्रनाथ टैगोर की चेतना रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत का राष्ट्रगान लिखा — “जन गण मन” उन्होंने ही वह गीत भी लिखा जिसे बाद में बांग्लादेश ने अपना…
बुद्ध पूर्णिमा आज हम जो कुछ भी हैं वो हमारी आज तक की सोच का परिणाम है | इसलिए अपनी सोच ऐसी बनानी चाहिए ताकि क्रोध न आए | क्योंकि…
पिताश्री स्वर्गीय श्री शिव प्रसाद बंद्योपाध्याय की पुण्य स्मृति में(29 अगस्त 1941–10 अप्रैल 2026)- सोमा बंद्योपाध्याय बंगाल के बीरभूम की पावन मिट्टी में जन्मे,उसके संस्कारों में पले,उन्होंने सीमा सड़क संगठन…
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में ‘पंजाबी कविता वाचन’ कार्यक्रम सम्पन्न केंद्रीय हिंदी संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा और भारतीय भाषा मंच के तत्वावधान में वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा…
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में वैश्विक हिंदी परिवार, दिल्ली द्वारा आयोजित सम्मान एवं काव्य – पाठ नीले ड्रम प्रकरण से हमें नहीं घबराना चाहिए : प्रज्ञा परांडे नई…
भोपाल की फाग उत्सव संगोष्ठी में वैश्विक हिंदी परिवार का समागम भोपाल स्थित दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय में स्टेट बैंक साहित्य कला परिषद के सहयोग से होली की पूर्व संध्या…
प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच और साहित्य 24 के संयुक्त तत्वाधान में रंगोत्सव – 2026 का सफल आयोजन प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच और साहित्य 24 के संयुक्त…