Category: दिन विशेष

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर”

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर” बिटियाकभी गुस्से मेंकभी लाड़ मेंकभी जज़्बात मेंकह देती हैचली जाऊँगीएक रोज ‘अपने घर’ पूरे घर के कानों मेंथोड़ा डर,…

दिन विशेष में डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुँजन’ की कविता “घन गर्जन (सरसी छंद)”

दिन विशेष में डॉ. अर्जुन गुप्ता ‘गुँजन’ की कविता “घन गर्जन (सरसी छंद)” चला मगन घन अंबर-पथ पर,करता अद्भुत शोर।कहो इसे घन गर्जन या तुम,कहो प्रणय की डोर॥घुँघराले घन जटाजूट…

दिन विशेष विशेषांक : हिंदी दिवस — हिंदी हमारी पहचान, हमारा गौरव

दिन विशेष विशेषांक : हिंदी दिवस — हिंदी हमारी पहचान, हमारा गौरव विषय सूची संपादकीय- डॉ. शैलजा सक्सेना (साहित्यकार, सह-संस्थापक निदेशिका: हिंदी राइटर्स गिल्ड कैनेडा)कविताएँ1. केदारनाथ सिंह (प्रसिद्ध कवि)2. रघुवीर…

दिन विशेष (प्रवासी रचना) में रश्मि त्रिवेदी की कविता “मेरे मन की सात परतें”

दिन विशेष (प्रवासी रचना) में रश्मि त्रिवेदी की कविता “मेरे मन की सात परतें” रश्मि त्रिवेदी मूलतः नागपुर, महाराष्ट्र की हैं और वर्तमान में वीज़बाडेन, जर्मनी में रहती हैं। *कहानी…

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात “समाज में शिक्षकों के महत्व को पहचानने के लिए 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाइये। यह…

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल “राजन, नीचे बाईं ओर दृष्टि डालिए। अद्भुत दृश्य है!” विक्रम की पीठ पर लदे वेताल ने कहा। विक्रम…

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. किरण खन्ना अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डीएवी कॉलेज अमृतसर, पंजाब सब से ख़तरनाकमेहनत…

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से घाट से लौटते हुएतीसरे पहर की अलसायी बेला मेंमैंने अक्सर तुम्हें कदम्ब के नीचेचुपचाप ध्यानमग्न खड़े पायामैंने कोई…

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ”

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ” अब प्रीति करी तौ निबाह करौअपने जन सों मुख मोरिए ना ।तुम तो सब जानत नेह मजाअब…

दिन विशेष ( कविता ) में सांद्रा लुटावन की कविताएँ

दिन विशेष ( कविता ) में सांद्रा लुटावन की कविताएँ सूरीनाम – दक्षिण अमेरिका से सांद्रा लुटावन की कविताएँ। उनकी कविताओं की अनगढ़ता पूरे भोलेपन के साथ देखी जा सकती…

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम”

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम” यह मैं हूं। यह मेरी तस्वीर है। इसमें मेरे बाल खूब बढ़े हुए हैं-धोनी प्रभाव के चलते नहीं, बल्कि अल्प-बेकारी से उपजे…

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें”

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें“ डॉ अंजना गर्ग की यह कहानी “चार खुश औरतें” जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती…

वैश्विक हिंदी परिवार : विशेषांक की झलक

वैश्विक हिंदी परिवार : विशेषांक की झलक विशेषांक उल्लेखवैश्विक हिंदी परिवार के विशेषांक में साहित्य की विविध विधाओं का सुंदर संगम प्रस्तुत किया गया है। इसमें कहानी, कविता, ग़ज़ल, व्यंग्य,…

कविता – शिक्षक-कर्म : प्रखर शर्मा

कविता – शिक्षक-कर्म : प्रखर शर्मा जैसे एक कुंभकारएक कुंभ की रचना के दौरानसर्वप्रथम भूमि पर पड़ी मिट्टी को परखकरबहुत ही संजीदगी से उठाता है।फिर कंकड़ बिनपानी आदि से सानकरपटककर-पीटकर(तरह-तरह…

माँ का जन्मदिन : वेद प्रकाश सिंह

माँ का जन्मदिन : वेद प्रकाश सिंह आज माँ का जन्मदिन हैयह बात बच्चों को क्या!माँ को भी नहीं मालूम थी। तीन दिन पहले हीमाँ अनंत की यात्रा पर निकल…

दिन विशेष (युवा लेखन) में उत्सव त्रिपाठी की गीत, ग़ज़ल, कविता

दिन विशेष (युवा लेखन) में उत्सव त्रिपाठी की गीत, ग़ज़ल, कविता नाम – उत्सव मणि त्रिपाठीपता – ग्राम बरपार, देवरियाशोधार्थी – शांतिनिकेतन, बंगाल १. गीत जाने कैसे डोल रही हैं…

दिन विशेष (युवा लेखन) में यासिन रशीद पठान की लघुकहानी “वो दो जोड़ी आँखें”

दिन विशेष (युवा लेखन) में यासिन रशीद पठान की लघुकहानी “वो दो जोड़ी आँखें” (यासिन रशीद पठान, महाराष्ट्र) सावन अपने पूरे शबाब में था। आसमान घने बादलों से ढका था…

दिन विशेष : शिक्षक दिवस – रजनी मिश्रा

दिन विशेष : शिक्षक दिवस – रजनी मिश्रा 5 सितंबर शिक्षक दिवस है ।अभी गुरु पूर्णिमा गई हैअब शिक्षक दिवस आने वाला है क्या अंतर है दोनों में?शिक्षक,शिक्षा देने वाला,गुरु…

दिन विशेष : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेषांक : कान्हा की लीलाएँ, कृष्ण का दर्शन

दिन विशेष : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेषांक : कान्हा की लीलाएँ, कृष्ण का दर्शन संपादकीय श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, सत्य और कर्म का प्रतीक है भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक…

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