Category: भारतीय भाषाओं में

दिन विशेष : डॉ. परशुराम की हिंदी कविता का मराठी अनुवाद — प्रो. धन्यकुमार द्वारा।

दिन विशेष : डॉ. परशुराम की हिंदी कविता का मराठी अनुवाद — प्रो. धन्यकुमार द्वारा। परिचयधन्यकुमार जिनपाल बिराजदारज्ञात भाषा : हिन्दी, मराठी, कन्नड़, अंग्रेज़ी प्रकाशित13 प्रकशित कृतियाँ तथा विभिन्न समाचार…

दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. जमुना कृष्णराज शिक्षाएम. ए. (हिन्दी एवं अंग्रेजी), पीएच.डी. (हिन्दी), अनुवाद में डिप्लोमा। कृतियाँशब्द…

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ

दिन विशेष (अनुवाद) में श्री एम. पी. दामोदरन द्वारा अनुवादित कविताएँ श्री एम. पी. दामोदरन की मलियाली भाषा में लिखी प्रस्तुत कविता वस्तुत गुरु वंदना के साथ ही ईश्वर की…

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में पद्मश्री के. एस. निसार अहमद की कन्नड़ कविता का डॉ. मैथिली पी. राव द्वारा हिन्दी अनुवाद परिचय : बेंगलुरु निवासी मैथिली पी. राव (जन्म : 1970) ने…

विशेष विमर्श में डॉ. सुरजीत पातर की पंजाबी कविता का डॉ. किरण खन्ना द्वारा हिन्दी अनुवाद

विशेष विमर्श में डॉ. सुरजीत पातर की पंजाबी कविता का डॉ. किरण खन्ना द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. सुरजीत पातर पंजाबी कविता और ग़ज़ल के सर्वाधिक प्रतिष्ठित रचनाकार माने जाते हैंI…

दिन विशेष में पिता पुत्री का अमर प्रेम – विक्टर ह्यूगो की दो कविताओं का मनीष पाण्डेय द्वारा काव्यानुवाद

आज पढ़िए- महान फ्रांसीसी साहित्यकार विक्टर ह्यूगो की दो प्रसिद्ध कविताओं का सुन्दर काव्यानुवाद, जिसे किया है एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में और अमेजोन में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय मूल के…

डॉ. शैलजा सक्सेना की कविता ‘माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ का आशा बर्मन द्वारा बांग्ला अनुवाद

डॉ. शैलजा सक्सेना की कविता ‘माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ का आशा बर्मन द्वारा बांग्ला अनुवाद माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ – डॉ. शैलजा सक्सेना माँ!…

अनुवाद : मुकेश आनंद : चैट स्टोरी ( मैथिली ) – अनीता वर्मा : चैट स्टोरी (हिन्दी)

चैट स्टोरी ( मैथिली ) ‘हैलो, फल्लां ग्रुप के एडमिन छी यौ’‘जी, कहल जाय।’‘हम बड़का कवि छी, जानल मानल।’‘अच्छा, नमस्कार श्रीमान। की नाम भेल, अपने के?’‘हमरा नय चिन्हय छ? ऐ…

অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा)

অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा) अधिकार रश्मि अपनी दो बरस की बिटिया को अपने से चिपका कर, नजरें झुकाए, ऐसे सिमट कर बैठी…

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन 

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन मेरी बेटी के लिए मेरी बेटी ,तेरी ओर देखती हूँ,और स्वयं से…

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन क्या आप जानते हैं कि सरकार का तख्ता कैसे उलटा जाता है? संभव है, आप कभी इस प्रकार का कार्य संपन्न करने के…

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन जिस विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत खाने की बीमारी लग जाए तो वे उससे कभी मुक्त नहीं होना चाहते हैं। और उसके राह…

 (कविता-अनुवाद) : “लेटर टू मदर”- “माँ को पत्र”-  प्रीति अग्रवाल

“लेटर टू मदर”- सर्गेई येसेनिन : “माँ को पत्र”- प्रीति अग्रवाल : (कविता-अनुवाद) माँ को पत्र क्या तुम अभी जीवित हो, मेरी प्यारी बूढी माँ? मैं भी जीवित हूँ। तुम्हें…

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी जब किराए की कार झाँसी स्टेशन के बाहर आकर रुकी, प्रिया का भाई अनिल ड्राइवर के पास वाली…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड)

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड) The courage that my mother hadEdna St. Vincent Millay (1892-1950) The courage…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : माँ के लिए ( टू माइ मदर )

माँ के लिए (टू माइ मदर) : अनुवाद (कविता) To My MotherEdgar Allan Poe (1809–1849) Because I feel that, in the Heavens above,The angels, whispering to one another,Can find, among…

शून्य का बोझ – (लघु कथा)

शून्य का बोझ कृष्णा वर्मा प्रकाश की पत्नी का असमय देहांत हो गया। पत्नी से अगाध प्रेम करने वाले प्रकाश ने कभी दूसरी शादी करने का सोचा तक नहीं। नन्हे…

गैप – (लधु कथा – अनुवाद)

गैप कृष्णा वर्मा चाय की चुस्की लेते हुए पापा ने पूछा , “नेहा कौन सा विषय सोचा नवीं कक्षा के लिए, साइंस या कॉमर्स?” कुछ सोचते हुए नेहा बोली, “पापा,…

फ़्लू – (लघु कथा – अनुवाद)

फ़्लू डॉ. शैलजा सक्सेना आज विभाग के मुख्यसचिव दौरा करने आ रहे थे। पिछले बार जब मुख्यसचिव आए थे तब नीता असिस्टेंट सैक्शन ऑफिसर बनी ही थी। उस को यह…

होने ना होने के बीच – (कविता – अनुवाद – पंजाबी)

मूल कविता : अनीता वर्मा अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह होने ना होने के बीच ज़िन्दा होना ही तो काफ़ी नहींअपने तमाम वजूद को करना पड़ता है साबितकहना पड़ता है…

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