অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा)
অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा) अधिकार रश्मि अपनी दो बरस की बिटिया को अपने से चिपका कर, नजरें झुकाए, ऐसे सिमट कर बैठी…
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অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा) अधिकार रश्मि अपनी दो बरस की बिटिया को अपने से चिपका कर, नजरें झुकाए, ऐसे सिमट कर बैठी…
कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन मेरी बेटी के लिए मेरी बेटी ,तेरी ओर देखती हूँ,और स्वयं से…
सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन क्या आप जानते हैं कि सरकार का तख्ता कैसे उलटा जाता है? संभव है, आप कभी इस प्रकार का कार्य संपन्न करने के…
रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन जिस विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत खाने की बीमारी लग जाए तो वे उससे कभी मुक्त नहीं होना चाहते हैं। और उसके राह…
“लेटर टू मदर”- सर्गेई येसेनिन : “माँ को पत्र”- प्रीति अग्रवाल : (कविता-अनुवाद) माँ को पत्र क्या तुम अभी जीवित हो, मेरी प्यारी बूढी माँ? मैं भी जीवित हूँ। तुम्हें…
अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी जब किराए की कार झाँसी स्टेशन के बाहर आकर रुकी, प्रिया का भाई अनिल ड्राइवर के पास वाली…
अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड) The courage that my mother hadEdna St. Vincent Millay (1892-1950) The courage…
माँ के लिए (टू माइ मदर) : अनुवाद (कविता) To My MotherEdgar Allan Poe (1809–1849) Because I feel that, in the Heavens above,The angels, whispering to one another,Can find, among…
शून्य का बोझ कृष्णा वर्मा प्रकाश की पत्नी का असमय देहांत हो गया। पत्नी से अगाध प्रेम करने वाले प्रकाश ने कभी दूसरी शादी करने का सोचा तक नहीं। नन्हे…
गैप कृष्णा वर्मा चाय की चुस्की लेते हुए पापा ने पूछा , “नेहा कौन सा विषय सोचा नवीं कक्षा के लिए, साइंस या कॉमर्स?” कुछ सोचते हुए नेहा बोली, “पापा,…
फ़्लू डॉ. शैलजा सक्सेना आज विभाग के मुख्यसचिव दौरा करने आ रहे थे। पिछले बार जब मुख्यसचिव आए थे तब नीता असिस्टेंट सैक्शन ऑफिसर बनी ही थी। उस को यह…
मूल कविता : अनीता वर्मा अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह होने ना होने के बीच ज़िन्दा होना ही तो काफ़ी नहींअपने तमाम वजूद को करना पड़ता है साबितकहना पड़ता है…
अनीता वर्मा की कविता का अनुवाद मूल कविता : अनीता वर्मा अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह (कवि, ग़ज़लकार व सुप्रसिद्ध अनुवादक) क्या कहूँ इसे क्या कहूँ इसेसच या झूठजो कहावो…
अनीता वर्मा की हिंदी कविता का पंजाबी अनुवाद अनुवादक : डॉ चरनजीत सिंह होना ना होना काग़ज़ दीमक भी बन सकते है दोस्तोंना हो तोहिस्सा बन कर देख लो नौकरशाही…
राजेंद्र शाह आधुनिक गुजराती कविता में नवीन प्रवाह के अन्वेषक कवि माने जाते हैं। उनसे दो वर्ष की आयु में पिता की छत्रछाया छिन गई, लेकिन माता की ममता और…