Category: भारत

पुस्तक समीक्षा : ‘स्त्री और प्रेम’ : डॉ. नीलिमा पाण्डेय की काव्य-कृति पर पल्लवी रानी की समीक्षा

पुस्तक समीक्षा : ‘स्त्री और प्रेम’ : डॉ. नीलिमा पाण्डेय की काव्य-कृति पर पल्लवी रानी की समीक्षा ‘क्षणिका’ काव्य साहित्य की एक विशिष्ट विधा होते हुए भी उतनी लोकप्रिय नहीं…

साक्षात्कार : “कलम में किसी भी तानाशाह की तलवार से ज़्यादा शक्ति होती है” – हिमांशु जोशी

साक्षात्कार : “कलम में किसी भी तानाशाह की तलवार से ज़्यादा शक्ति होती है” – हिमांशु जोशी दिल्ली की एक शांत, हल्की सर्द शाम। कमरे में चारों ओर किताबों का…

दिन विशेष व्यंग्य : “आज इंसान खुद को भगवान बना बैठा है” – समीर लाल ‘समीर’

अब AI (आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस) का जमाना है। बनाने वाले ने तो न जाने क्या सोच कर बनाया होगा मगर इस्तेमाल करने वालों के तो क्या कहने।बनाया तो भगवान ने भी…

दिन विशेष व्यंग्य : “हम विकास करके  रहेंगे” – डॉ.संदीप अवस्थी

दिन विशेष व्यंग्य : “हम विकास करके रहेंगे” – डॉ.संदीप अवस्थी हर कोई विकास की चर्चा कर रहा है। सभी बड़े लोग विकास चाहते हैं। विकास आ रहा है,विकास होगा,विकास…

दिन विशेष कविता : “बुंदेली चौकड़ियां” – प्रभु दयाल श्रीवास्तव पीयूष टीकमगढ़

दिन विशेष कविता : “बुंदेली चौकड़ियां” – प्रभु दयाल श्रीवास्तव पीयूष टीकमगढ़ गोपीं गोविंद के गुन गाबें,बड़े भोर उठ जाबें।जुर मिल जे जमुना के जल में,बुड़की रोज लगाबें।कात्यायनि म‌इया की…

दिन विशेष कहानी : “माइंडसेट” – डॉ. पूरन सिंह

दिन विशेष कहानी : “माइंडसेट” – डॉ. पूरन सिंह गांव में मेरी उम्र के सब लड़कों की शादी हो गई थी और लगभग दो-दो बच्चों के पिता बन गए थे।…

दिन विशेष युवा रचनाकार में सत्यम पाण्डेय ‘सागर’ की कविताएँ

दिन विशेष युवा रचनाकार में सत्यम पाण्डेय ‘सागर’ की कविताएँ सत्यम पाण्डेय ‘सागर’ महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) की माटी में जन्मे एक संवेदनशील रचनाकार हैं, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय…

“कुमार गंधर्व के जीवन को पढ़ने का अनूठा प्रयोग” : स्वरांगी साने

“कुमार गंधर्व के जीवन को पढ़ने का अनूठा प्रयोग” : स्वरांगी साने शरद पूर्णिमा अभी बीती ही थी। सांझ के झुरमुट को चाँद का आलोक प्रकाशित कर रहा था। पुणे…

साक्षात्कार : वार्तालाप एवं आत्म-कथ्य // महेन्द्र भटनागर

कवि महेंद्र भटनागर से डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र की अंतरंग बातचीत :- प्रोफे. महेंद्रभटनागर (26 जून 1926 – 27 अप्रैल, 2020) हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक, कवि, बाल साहित्यकार और गीतकार…

दिन विशेष अनुवाद में स्वरांगी साने की मूल हिंदी कविता का सुधीर देशपांडे द्वारा मराठी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में स्वरांगी साने की मूल हिंदी कविता का सुधीर देशपांडे द्वारा मराठी अनुवाद “नर्तकी” : सुधीर देशपांडे वंदन करीत येईलनर्तकीत्यानंतर करेल आमद वेळेवर वाचेल ही बोलांनानिभावेल मात्रेत…

दिन विशेष कविता : पथिक का पाथेय – नवनीत सेमवाल

दिन विशेष कविता : पथिक का पाथेय – नवनीत सेमवाल (छंद- हरिगीतिका)गंतव्य पथ के आशावान, भाग्य सब कल्पित हैं।श्रांत्यार्थ प्रतिज्ञाबद्ध रहना, यह स्वयं का हित है।ज्यों कालचक्र रहता सदा ही,…

दिन विशेष कविता : यह करवा चौथ याद आएगा – स्मृति आदित्य

दिन विशेष कविता : यह करवा चौथ याद आएगा – स्मृति आदित्य माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सिनेमा विभाग में एडजंक्ट प्रोफ़ेसर हैं। उनकी यह कामकाजी स्त्री…

दिन विशेष कहानी : जाको राखे साईंया.. – डॉ. पद्मावती

दिन विशेष कहानी : जाको राखे साईंया.. – डॉ. पद्मावती • लेखिका : डॉ. पद्मावती,• पदनाम: सहायक आचार्य, हिंदी विभागमहाविद्यालय का नाम: एस. आर. एम. इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजीस्थान:…

दिन विशेष कथेतर : हरिप्रकाश राठी के उपन्यास ‘रमंते तत्र देवता’ की डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय द्वारा समीक्षा

दिन विशेष कथेतर : हरिप्रकाश राठी के उपन्यास ‘रमंते तत्र देवता’ की डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय द्वारा समीक्षा डॉ. कौशलनाथ उपाध्याय ने कथाकार हरिप्रकाश राठी के उपन्यास ‘रमंते तत्र देवता’ की…

दिन विशेष व्यंग्य : “योर सिक्स,माई नाईन” – दिलीप कुमार

दिन विशेष व्यंग्य : “योर सिक्स,माई नाईन” – दिलीप कुमार तब के अभिनेता और अब के साबुन – मंजन के सबसे बड़े विक्रय प्रतिनिधि अमिताभ बच्चन की बहुत साल पहले…

दिन विशेष : महाकवि सुब्रमण्यम भारती की तमिल कविता का जमुना कृष्णराज द्वारा हिंदी अनुवाद

दिन विशेष : महाकवि सुब्रमण्यम भारती की तमिल कविता का जमुना कृष्णराज द्वारा हिंदी अनुवाद क्या तुमने माना – जमुना कृष्णराज क्या तुमने माना किदूर-दूर भटक, पेट पालबेकार की बातें…

दिन विशेष कविता : “पुण्य-पश्चाताप” – ऋतिका ‘ऋतु’

दिन विशेष कविता : “पुण्य-पश्चाताप” – ऋतिका ‘ऋतु’ ऋतिका ‘ऋतु’ नाम से जानी जाती नोएडा की ऋतिका यादव का पहला काव्य संग्रह वर्ष 2021 में आया था। अंग में, प्रत्यंग…

दिन विशेष कविता में डॉ. निधि अग्रवाल की कविताएँ

दिन विशेष कविता में डॉ. निधि अग्रवाल की कविताएँ १. स्थायी पता कोलाहल भरी दुनिया मेंकैसे सुन ली मैंने एक धड़कनआश्चर्यों से भरे संसार मेंतुम्हारी सहजता पर हीजा कर रुकी…

दिन विशेष विजयादशमी कविता – “विजयादशमी : रावण बाहर भी है, भीतर भी है!” – प्रीति साहू

दिन विशेष विजयादशमी कविता – “विजयादशमी : रावण बाहर भी है, भीतर भी है!” – प्रीति साहू आज फिर विजयादशमी आई है,फिर सत्य ने विजय की अलख जगाई है।फिर जलेंगे…

दिन विशेष कहानी : “गहरे तालाब की विरासत” – अलका सिन्हा

दिन विशेष कहानी : “गहरे तालाब की विरासत” – अलका सिन्हा कविता की अंतिम पंक्ति तक आते-आते सारा रूपक स्पष्ट हो गया – “तेरा अपराधी हूँ मेरी कविता, जो लिखा…

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