डियर मोमोज (व्यंग्य)
डियर मोमोज (व्यंग्य) मोमोज के उस सफेद, चिपचिपे और रहस्यमयी व्यक्तित्व की शारीरिक संरचना किसी दार्शनिक गुत्थी से कम नहीं है, जिसे देखकर लगता है कि मैदा अपनी मुक्ति के…
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डियर मोमोज (व्यंग्य) मोमोज के उस सफेद, चिपचिपे और रहस्यमयी व्यक्तित्व की शारीरिक संरचना किसी दार्शनिक गुत्थी से कम नहीं है, जिसे देखकर लगता है कि मैदा अपनी मुक्ति के…
उछालवाद के दौर में पीछे छूटते मूल मुद्दे (समीक्षा) पूरे 39 चालीस पहले बनी फ़िल्म ‘इजाज़त’ फिर एक बार देखी। फ़िल्म के बनने से लेकर अब तक में लगभग 40…
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना (व्यंग्य) कहावत है— “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”, पर यहाँ तो अब्दुल्ला ने बाकायदा ‘को-ऑर्ड’ सेट पहना है और रील बनाने के लिए दीवाना हुआ…
ठलुआई का लायसेंस (व्यंग्य) शहर के उस कोने में जहाँ नालियों का पानी और दर्शनशास्त्र की बातें एक साथ सड़ती हैं, वहाँ एक पुराने बरगद के नीचे ‘मूर्ख शिरोमणि’ सभा…
कागज के शेर और समोसे का फेर(व्यंग्य)-डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ शहर की धूल फाँकती एक तंग गली के आखिरी छोर पर ‘साहित्यिक पुनरुत्थान परिषद’ का बैनर ऐसे लटक रहा…
जिला अधिकारी ने मेकअप क्यों नहीं किया? डॉ महादेव एस कोलूर मलप्पुरम (केरल) की जिला अधिकारी सुश्री रानी सोयामोय कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ बातचीत कर रही थीं। केरल राज्य…
चैटियो पगोडा (Golden Rock) : प्रकृति, सौंदर्य और विश्वास की सुनहरी चादर – आशीष कंधवे चैटियो पगोडा : पहाड़ों की शांत बाहों में बसे इस पवित्र स्थल पर पहुँचते ही…
जोधपुर और जैसलमेर की सैर अनीता वर्मा मुझे हमेशा से लगता रहा है कि मैं ना जाने कितने जन्मों से यायावर हूँ। चलते रहने की इच्छा, निरन्तरता और मेरे साहस…
– डॉ महादेव एस कोलूर ***** वृक्ष आदमी ने वृक्ष से कहा —कुछ तो बोलो, यूँ क्यों चुप हो।वृक्ष मुस्कुराया,पत्तों की सरसराहट में बोला —“जिन्होंने सब कुछ खोकर भी दिया,वो…
मुकम्मल इश्क की अधूरी दास्तान दिनेश कुमार माली, तालचेर, ओड़िशा आज शाम यानि 10.11.2025 को जब मैं युवा लेखक दिनेश कुशवाहा की ‘मुकम्मल इश्क़ की अधूरी दास्तान’ उपन्यास पर आलोचनात्मक…
डॉ. मंजु गुप्ता ***** फूल की ज़िद बाल हठराज हठत्रिया हठसारे संसार में प्रसिद्ध हैंपर फूल की ज़िद की अभी तक अनदेखी हैइस ओर किसी की दृष्टि ही नहीं गईहमने…
डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🪷 भानु नित्य भोर में 🪷 भानु नित्य भोर में रश्मियाँ प्रसारता।भृंग बाग में सदा धुन मधुर सँवारता॥पेड़ नित्य झूमते बाँह नित पसारते।पुष्प…
डॉ॰ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 🌸 सत्कर्म के डगर पर 🌸 (दिग्पाल/ मृदुगति छंद) सत्कर्म के डगर पर, सुविचार हो हमारा।सद्भाव सत्य संबल, सन्मार्ग हो सहारा॥मधुरिम सदैव वाणी,…
‘ऐसे-ऐसे लोग’ रवींद्र कात्यायन श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’। यह है निष्काम कर्म का उपदेश जो गीता हमें सिखाती है। मनुष्य अपने कर्मों का फल प्राप्त…
आह से ही तो उपजा था पहला गान स्वरांगी साने आषाढ़ के किसी दिन बादल बरसे पर हुआ कुछ ऐसा कि वाह न निकली और मुँह से आह निकल गई!…
उपसंहार राकेश मिश्र काशीनाथ सिंह हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख लेखक और कवि हैं। उनका लेखन मुख्यतः सामाजिक यथार्थ, बनारस की संस्कृति और आम जनजीवन पर केंद्रित रहा है। उनकी…
बात छोटी सी नोरिन शर्मा आज शीतल और वरुण की पच्चीसवीं शादी की सालगिरह है। वरुण ने न तो कभी जन्मदिन मनाया और न ही कभी शादी की सालगिरह…! अंग्रेज़ों…
‘मेरे दुःख की दवा करे कोई’ दिनेश कुमार माली, तालचेर,ओड़िशा यह ध्रुव सत्य है कि हमारे लेखन में आजकल वह ताकत नहीं रही, जो हमारे अलग-अलग धर्मों वाले देश में…
मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध अनीता वर्मा प्रतिष्ठित हिंदी प्रेमी व पूर्व में मॉरीशस में दूतावास में अधिकारी के रूप में कार्यरत सुनीता पाहुजा की नवीनतम पुस्तक ‘मॉरीशस की साहित्यिक सुगंध’…
‘ज़मीन तलाशती जड़ें’ कहानी संग्रह आज के प्रतिस्पर्धात्मक व जटिल दौर में जी रहे मानव के विभिन्न स्तरों पर टूटते, दरकते व खंडित होते जीवन मूल्यों के ऐसे चित्र प्रस्तुत…