Category: प्रवासी लेख एवं अन्य विधाएं

दिन विशेष (कथेतर) में ललित मोहन जोशी की रचना फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष : निरंजन पाल

दिन विशेष (कथेतर) में ललित मोहन जोशी की रचना फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष : निरंजन पाल ब्रिटिश और भारतीय फ़िल्मों के निर्माण में साझेदारी की नींव रखने वाले फ़िल्म-कहानीकार,…

मॉरीशस में भारतीय संस्कृत और उसे घेरे चुनौतयाँ : अभिमन्यु अनंत

मॉरीशस में भारतीय संस्कृत और उसे घेरे चुनौतयाँ : अभिमन्यु अनंत जिन दिनों भारतीय संस्कृति अपनी पराकाष्ठा पर थी, उन दिनों विश्व के कई देशों को ‘रामायण का देश’ कहकर…

फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष निरंजन पाल : ललित मोहन जोशी

फिल्मों के विस्मृत इतिहास पुरुष निरंजन पाल : ललित मोहन जोशी ललित मोहन जोशी लंदन में सक्रिय रेडियो प्रसारक, लेखक, कवि, फिल्म इतिहासकार एवं फिल्मकार हैं। उन्होंने 1988 से 2008…

दिन विशेष (कथेतर) में प्रगति टिप्पणीस की रचना हमारी गुल्लकें : प्रेमचंद के परिप्रेक्ष्य में एक दृष्टिकोण

दिन विशेष (कथेतर) में प्रगति टिप्पणीस की रचना हमारी गुल्लकें : प्रेमचंद के परिप्रेक्ष्य में एक दृष्टिकोण प्रेमचंद की कालजयी कहानियों—“पंच परमेश्वर” और “ईदग़ाह” में उद्धृत आदर्श और अनुकरणीय जीवन…

विशेष विमर्श में डॉ. पद्मेश गुप्त का लेख – हिंदी अख़बारों में अंग्रेज़ी शब्दों के अनावश्यक प्रयोग : आवश्यकता, प्रवृत्ति और संतुलन

विशेष विमर्श में डॉ. पद्मेश गुप्त का लेख – हिंदी अख़बारों में अंग्रेज़ी शब्दों के अनावश्यक प्रयोग : आवश्यकता, प्रवृत्ति और संतुलन हिंदी के भविष्य को स्थायी आधार प्रदान करने…

हिंदी साहित्य में राष्ट्रीयता की भावना : डॉ. अरुणा अजितसरिया

हिंदी साहित्य में राष्ट्रीयता की भावना : डॉ. अरुणा अजितसरिया परिचय : कलकत्ता विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए., ‘स्वातंत्र्योत्तर हिंदी उपन्यास’ पर पीएच.डी. तथा फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा प्राप्त कर…

दिन विशेष में पिता पुत्री का अमर प्रेम – विक्टर ह्यूगो की दो कविताओं का मनीष पाण्डेय द्वारा काव्यानुवाद

आज पढ़िए- महान फ्रांसीसी साहित्यकार विक्टर ह्यूगो की दो प्रसिद्ध कविताओं का सुन्दर काव्यानुवाद, जिसे किया है एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में और अमेजोन में तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय मूल के…

योग – एक जीवन-प्रणाली : डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना

योग – एक जीवन-प्रणाली : डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाएँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि इसकी सार्थकता शारीरिक, मानसिक, आत्मिक संतुलन और चैतन्य की प्राप्ति…

अपने भीतर के क़लमकार से मुलाक़ात (डायरी)

अपने भीतर के क़लमकार से मुलाक़ात (डायरी) अपने अंदर छुपे हुए इस रचनाकार से में अपरिचित थी, पर जब पहचान हुई तो लगा हम अजनबी थे ही नहीं, साथ-साथ एक…

थाईलैंड – माई नाम – (ब्लॉग)

थाईलैंड – माई नाम शिखा रस्तोगी, बैंकॉक,थाईलैंड नदियों के महत्व को मनुष्य अच्छी तरह से जानता है। थाई भाषा में, माई नाम नदी के लिए एक सामान्य शब्द है, जिसमें…

हिंदी और डच : विकसित होता आपसी संवाद – (ब्लॉग)

हिंदी और डच : विकसित होता आपसी संवाद रामा तक्षक, नीदरलैंड्स वर्ष 2019, नीदरलैंड्स में भारतीय राजदूत श्री वेणु राजामणि द्वारा एक पुस्तक लिखी गई थी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा…

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर – (आलेख)

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर डॉ अरुणा अजितसरिया एम बी ई, लंदन 23 सितम्बर सन 1908 को पराधीन भारत के एक साधारण कृषक परिवार में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर ने गाँव…

जापान में गणेश जी के मंदिर एवं महिमा – (आलेख)

जापान में गणेश जी के मंदिर एवं महिमा गणेश गिरि, वाकायामा, जापान जापान में यद्यपि हिंदू धर्म विशेष गणेश मंदिर नहीं हैं, वर्तमान में कुछ भारतीय संगठनों ने टोक्यो, क्योतो,…

नफरत में जल जलकर, खाक हो जाने से बेहतर, प्रेम में तपकर कुंदन हो जाइए – (विचार स्तंभ)

डॉ शिप्रा शिल्पी आज के आपाधापी युग में मन खोखले हो रहे हैं उन्हें प्रेम से भरिए, नफरतें अजाब है, जहर भी बचा कर रखे अपने सोने से मन को…

संयुक्त राज्य अमेरिका में हिंदी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश: एक समग्र विश्लेषण – (शोध आलेख)

संयुक्त राज्य अमेरिका में हिंदी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश: एक समग्र विश्लेषण डॉ. राकेश कुमार, कार्मेल, इंडिआना, संयुक्त राज्य अमेरिका प्रस्तावना हिंदी, एक प्रमुख भारतीय भाषा, जो वैश्विक…

वैश्विक युग में हिंदी भाषा: एक नई दिशा की ओर – (आलेख)

वैश्विक युग में हिंदी भाषा: एक नई दिशा की ओर डॉ. राकेश कुमार, कार्मेल, इंडियाना, अमेरिका, प्रस्तावनाहिंदी भाषा भारत के भाषाई परिप्रेक्ष्य में एक प्रमुख स्थान रखती है और इसे…

लोकतांत्रिक जनादेश और दक्षिण कोरिया – (आलेख)

लोकतांत्रिक जनादेश और दक्षिण कोरिया – संजय कुमार, पत्रकार, कोरिया हेराल्ड दक्षिण कोरिया ने हाल ही में एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण राष्ट्रपति चुनाव के माध्यम से अपने लोकतांत्रिक विकास की एक…

केटी कोटी -गुलामी का अतीत – (आलेख)

केटी कोटी -गुलामी का अतीत – डॉ ऋतु शर्मा (नंनन पांडे), नीदरलैंड आज हम जिस यूरोप को बहुत ही सम्मानित व आधुनिकीकरण के लिए जानते हैं उस यूरोप का एक…

डॉलर वाले बैंगन जी – (व्यंग्य)

डॉलर वाले बैंगन जी – नूपुर अशोक देशी आदमी जब दोस्तों को इम्प्रेस करना चाहता है तो उन्हें पिज़्ज़ा और बर्गर खिलाता है। वही देशी आदमी जब विदेश पहुँचता है…

अपने बुजुर्गों को अकेला मत छोड़िए – (आलेख)

अपने बुजुर्गों को अकेला मत छोड़िए – डॉ शिप्रा शिल्पी जर्मनी में विगत एक दशक से ज्यादा समय हो गया है। यहां के जीवन मे सहज रूप मे रम भी…

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