हिंदी दिवस समारोह 2026 : गुरुकुल नॉरफ़ॉक एवं विश्व हिंदी परिषद यूके लंदन द्वारा हिंदी भाषा साहित्य एवं भारतीय संस्कृति का उत्सव
नॉरफ़ॉक में गूंजी हिंदी की गूंज, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मनाया हिंदी दिवस समारोह
गुरुकुल नॉरफ़ॉक और विश्व हिंदी परिषद यूके ने लंदन में रचा हिंदी और संस्कृति का संगम
विदेश में भी जीवंत है हिंदी, ग्रेट यारमाउथ में हिंदी दिवस पर पीढ़ियों को जोड़ता उत्सव
द हिंदू टेंपल एक्ले न्यू रोड ग्रेट यारमाउथ नॉरफ़ॉक इंग्लैंड, दिनांक रविवार 27 सितंबर 2026 को गुरुकुल नॉरफ़ॉक तथा विश्व हिंदी परिषद यूके लंदन के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर एक भव्य और भावपूर्ण साहित्यिक सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रवासी समुदाय को हिंदी भाषा साहित्य और भारतीय संस्कृति से जोड़ना तथा विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रति प्रेम और रुचि विकसित करना था।
समारोह में साहित्यकारों बच्चों अभिभावकों तथा समुदाय के अनेक सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिंदी कविता भजन श्लोक नज्म और साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और हिंदी के प्रति प्रेम को व्यक्त किया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पक्ष बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। झान्नवी जेतानी ने गीता अध्याय पंद्रह, रिया सिंह ने कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, शाओनी मलिक और आयुक्ता लेपाक्षी साहू ने कथक, मेहुल एवं तिलक ने हिंदी भजन, कुंज ने संस्कृत श्लोक, रिया शर्मा ने हिंदी मेरी मातृभाषा तथा सिमरन चावला ने ऐ वतन, गीत प्रस्तुत किया। इसके साथ ही मेहर नायसा भाटेजा, लेक्षणा गायत्री लोकेश, लोहिताक्ष लोकेश और पांच वर्षीय राम जेतानी सहित सभी बाल प्रतिभाओं ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रस्तुति दी। वयस्क वर्ग में गौरव ने विश्व को भारत का अनुदान, किरण अरुण पारुल और डॉक्टर सतीश ने हिंदी कविता, सुष्मिता मुंगरा ने भजन तथा आशुतोष जी ने भावपूर्ण गजल प्रस्तुत कर कार्यक्रम को साहित्यिक विविधता प्रदान की।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर अनुराधा पाण्डेय जी, डॉक्टर देवी प्रसाद मिश्र जी, डॉ० विपिन कुमार जी, तेजिंदर शर्मा जी और विशिष्ट अतिथि आशुतोष जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। डॉ० अनुराधा पाण्डेय जी ने गुरुकुल नॉरफ़ॉक की चेयर और आयोजक श्रीमती वंदना खुराना जी तथा पूरी टीम के निरंतर प्रयासों की हृदय से सराहना की और कहा कि विदेश में रहते हुए जहां भारतीय मूल की आबादी का एक छोटा हिस्सा ही हिंदी से सीधे जुड़ा है वहां समुदाय के बीच भाषा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। विश्व हिंदी परिषद के उप महासचिव डॉ० विपिन कुमार जी ने मातृभूमि से दूर रहते हुए हिंदी को सीखने बोलने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की और सभी को 30 एवं 31 अक्टूबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विश्व हिंदी परिषद के कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ० देवी प्रसाद मिश्र जी ने बच्चों और समुदाय के उत्साह की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को हिंदी के वैश्विक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया। तेजिंदर शर्मा जी एमबीई ने बच्चों को हिंदी कविता और रोचक तुकबंदी के माध्यम से भाषा सीखने के व्यावहारिक सुझाव दिए और अभिभावकों को घर पर बच्चों के साथ हिंदी कविताओं का अभ्यास करने का होमवर्क दिया। विभिन्न स्थानों से जुड़े प्रतिभागियों को तकनीक के माध्यम से एक मंच पर लाने में असमिता जी का योगदान सराहनीय रहा।
समारोह के दौरान यह भावना विशेष रूप से उभरी कि विदेश में हिंदी को बढ़ावा देना केवल भाषा का संरक्षण नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति परंपरा और पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। गुरुकुल नॉरफ़ॉक का उद्देश्य विभिन्न भारतीय भाषाओं एवं संस्कृतियों के प्रति सम्मान और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है और यह हिंदी दिवस समारोह इसी उद्देश्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा। कार्यक्रम का समापन भोजन उपरांत नौका विहार के साथ हुआ।
गुरुकुल नॉरफ़ॉक एवं विश्व हिंदी परिषद यूके लंदन की ओर से सभी मुख्य अतिथियों साहित्यकारों प्रतिभागियों बच्चों अभिभावकों स्वयंसेवकों तथा उपस्थित श्रोताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया गया। सभी अभिभावकों का विशेष आभार जिन्होंने अपने बच्चों को हिंदी सीखने और मंच पर प्रस्तुत होने के लिए प्रोत्साहित किया।

