नृत्य में सौंदर्यबोध : जीवन का आधार विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

जब एक कलाकार अपनी प्रस्तुति के भावों को आत्मसात् कर लेता है, तब उसकी कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक अलौकिक अनुभूति बन जाती है। वह स्वयं आनंद और भावों में सराबोर होकर अपनी कला के माध्यम से एक अद्भुत एवं मनमोहक प्रस्तुति संसार के समक्ष प्रस्तुत करता है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कलादर्शन प्रभाग द्वारा आयोजित व्याख्यान-शृंखला ‘भारतीय कला, सौंदर्यशास्त्र एवं सांस्कृतिक धरोहर’ के अंतर्गत विशेष व्याख्यान ‘नृत्य में सौंदर्यबोध : जीवन का आधार’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पद्मश्री नलिनी अस्थाना एवं पद्मश्री कमलिनी अस्थाना, प्रख्यात कथक नृत्यांगनाओं तथा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों ने दर्शकों को संबोधित किया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य-सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समापन पर कलादर्शन प्रभाग की संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ऋचा काम्बोज ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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