प्रवासी भवन में आयोजित मॉरीशस से आये कलाकारों का अभिनंदन समारोह

अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद, डायसपोरा रिसर्च एंड रिसोर्स सेंटर एवं वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा वाक्वा रंगभूमि कला मंदिर थियेटर ग्रुप, मॉरीशस के निर्देशक श्री राजेश्वर सीतोहल तथा नाटक ‘समय चक्र’ की प्रस्तुति के लिए भारंगम, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय पधारे कलाकारों के लिए अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के महासचिव श्री श्याम परांडे जी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे प्रवासी भवन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेश्वर सीतोहल और उनके थिएटर ग्रुप के 23 कलाकारों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के सचिव प्रोफेसर गोपाल अरोड़ा ने अपने स्वागत उद्बोधन में अन्य महत्वपूर्ण बातों के साथ ही कलाकारों को सुझाव दिया कि वे भरत मुनि कृत देवासुर संग्राम का भी मंचन करें।
श्री राजेश्वर सीतोहल ने अपने वक्तव्य में बताया कि किस तरह उनके दादा जी और पिता जी द्वारा मॉरीशस में नाटकों का मंचन शुरू किया गया और फिर धीरे-धीरे उनके परिवार के सभी सदस्य इसमें रुचि लेने लगे और 1977 में इस थिएटर ग्रुप की स्थापना की गई। उनके साथ जुड़े सभी कलाकार अलग-अलग कार्य क्षेत्रों में सेवारत हैं परंतु फिर भी रंगमंच से जुड़ने का समय निकाल लेते हैं। उनके लिए यह मात्र मनोरंजन का साधन न होकर अपनी जड़ों से जुड़े रहने का माध्यम है।
इस अवसर पर अनेक कलाकारों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री श्याम परांडे जी ने कहा कि भारत से अपनी भाषा और संस्कृति लेकर गए शर्तबंद मज़दूरों के वंशजों ने आज भी इन्हें अक्षुण्ण बनाए रखा है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के मानद निदेशक, श्री नारायण कुमार जी ने इस अवसर पर मॉरीशस में नाटकों की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन में मॉरीशस के कलाकारों द्वारा अंधा युग नाटक प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि बैठकों में रामायण के साथ-साथ इंद्रसभा इत्यादि नाटकों का भी मंचन किया जाता था।
उन्होंने डॉ. सरिता बुद्धु जी की पुस्तक गीत गवई मुख्य अतिथि को भेंट की।
समारोह में उपस्थित डॉ. मार्कंडेय राय, श्री हर्षवर्धन आर्य, श्री शिव कुमार निगम, डॉ. सुमित शर्मा, डॉ. गुप्ता व अन्य उपस्थित अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ.नीलम वर्मा ने इस अवसर पर अपनी कृति अंतरंगिनी भेंट की।
कार्यक्रम के अंत में वैश्विक हिंदी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी ने थिएटर ग्रुप के सभी कलाकारों की भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि नाटक को मॉरीशस में भाषा शिक्षण का सशक्त माध्यम बनाया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने जापान के हिंदी विद्वान पद्मश्री तोमिओ मिज़ोकामि जी का भी उदाहरण दिया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुनीता पाहूजा ने किया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस में नाटक मंचन ने भाषा, संस्कृति और कला को जीवंत रखा है।
कार्यक्रम का संयोजन श्री हर्षवर्धन आर्य, श्री शिवम शर्मा, डॉ. मनीष कुमार ने किया।
कार्यक्रम के बाद मॉरीशस से आए अतिथियों ने भारतीय व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया।
