साहित्य और संस्कृति का सारस्वत अनुष्ठान है: प्रज्ञान विश्वम

नई दिल्ली- आज प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में दुबई से आई प्रवासी कवयित्री डॉ. अमृत बिसारिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केन्द्रित बहुराष्ट्रीय पत्रिका प्रज्ञान विश्वम का लोकार्पण उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, अमेरिका से आए प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ इंद्रजीत शर्मा, नगर विमानन मंत्रालय के संयुक्त महानिदेशक जयप्रकाश पांडेय तथा प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ.प्रकाश उपाध्याय ने किया। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता प्रज्ञान विश्वम पत्रिका के मुख्य संपादक प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने की। श्रोताओं से खचाखच भरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुप्रसिद्ध साहित्यकार और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री,तथा केन्द्रीय पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने वक्तव्य में प्रज्ञान विश्वम पत्रिका को साहित्य और संस्कृति का अप्रतिम सारस्वत अनुष्ठान बताते हुए कहा कि विश्वभर के साहित्यकारो को एक मंच पर लाकर उन्हें एक पहचान दिलाना सचमुच बहुत महत्वपूर्ण और श्रमसाध्य कार्य है मगर पंडित सुरेश नीरव ने अपने अथक परिश्रम और समर्पण भाव से इसे संभव कर दिखाया है। यह साहित्य अनुष्ठान अनवरत चलता रहे, मेरी अनंत शुभकामनाएँ। अमेरिका से आए अंतर्राष्ट्रीय ख्यात साहित्यकार डॉ इंद्रजीत शर्मा ने कहा कि आज जब देश में साहित्यिक पत्रिकाएं लगभग बंद हो गई है तो उस शून्य को इस पत्रिका ने भरने की एक सार्थक पहल की है। इसके लिए पंडित सुरेश नीरव बधाई के पात्र हैं। दुबई की प्रवासी कवयित्री डॉ अमृत बिसारिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित सुरेश नीरव ने डॉ अमृत बिसारिया को संघर्षों से जन्मा कविता का एक मुस्कुराता हुआ समझदार चेहरा बताया। अशोक कुमार कौशिक, संपादक दैनिक हिंद आत्मा ने जहाँ प्रज्ञान विश्वम पत्रिका को साहित्य और पत्रकारिता के बीच एक रचनात्मक सेतु बताया तो वहीं रमन झा, संपादक समाज जागरण ने पंडित सुरेश नीरव की पत्रकारिता के दीर्घ अनुभवों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। नगर विमानन मंत्रालय के संयुक्त महानिदेशक विख्यात साहित्यकार जयप्रकाश पांडेय ने अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति से अपने लंबे जुड़ाव की चर्चा करते हुए पत्रिका के महत्व पर अपना वक्तव्य दिया।मध्यप्रदेश के रतलाम से आए साहित्यकार डॉ प्रकाश उपाध्याय, देहरादून से आए डॉ बेचैन कंडियाल, मुंबई से आए यशपाल सिंह ‘यश’, आकाशवाणी के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार पासवान, डॉ. सविता चड्ढा, वैश्विक हिन्दी परिवार दिल्ली के अध्यक्ष श्री ऋषि कुमार शर्मा, डॉ कविता प्रभा, डॉ. प्रवीण शर्मा, उमानाथ त्रिपाठी, विजय प्रशांत, कुमार सुबोध एवं मधु मिश्रा ने भी इस अवसर पर डॉ अमृत बिसारिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर सभी प्रबुद्ध जनों को संस्था द्वारा शॉल और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। सुस्वादु भोजन के साथ समारोह का समापन हुआ।इस अवसर पर उपस्थित साहित्य जगत के प्रबुद्धजनों ने इस कार्यक्रम को एक यादगार आयोजन बताया है।
रिपोर्ट – ऋषि कुमार शर्मा
