कनोता कैंप रिज़ॉर्ट में कथा/कहानी पाठ का आयोजन सम्पन्न

शानदार माहौल में कितना गर्मजोशी भरा स्वागत और कितना रोमांचक कार्यक्रम – बेमिसाल जिससे हृदय को आनंद रस की प्राप्ति हुई ! मनीषा और उनकी समर्पित टीम को बहुत-बहुत बधाई जिन्होंने बड़ी कुशलता के साथ इस कथा/कहानी के कार्यक्रम का संचालन किया है ।
मैं यह भी कहना चाहती हूँ (आम धारणा के विपरीत) कि कहानी लेखन/कथन के हर पहलू को शामिल करते हुए, इतनी मेहनत से आयोजित कार्यशालाओं के माध्यम से लेखन कौशल सीखा और विकसित किया जा सकता है। सभी उम्र के प्रतिभागियों की संख्या से इसकी लोकप्रियता स्पष्ट थी, उन्होंने बड़ी सहजता से भाग लिया तथा अपने कौशल प्रतिभा को प्रदर्शित किया जिनकी व्यक्तिगत रूप से निगरानी की गई और सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने सुबह के सत्रों में जो सीखा, उसे प्रदर्शित किया। सीखे हुए कौशल को बहुत ही अच्छे तरीके से उन्होंने प्रस्तुत किया और आयोजित कार्यक्रम अपनी उपस्थिति से विस्मरणीय बनाया
मैं स्वयं पिछले तीन वर्षों से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में मेंटरिंग सत्र आयोजित कर रही हूँ, लेकिन मुझे यहाँ बेहतर मार्गदर्शन मिला, मैंने बहुत कुछ सीखा, इसलिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद और आप सभी को आशीर्वाद, विशेष रूप से उस व्यक्ति को जिसने इतनी उदारता से मुझे अपनी जैकेट उधार दी, शिप्रा ! मुझे उम्मीद है कि उसे वापस मिल गई होगी, मुझे अचानक जाना पड़ा इसलिए मैंने इसे ऐश्वर्या मोहन जी को सौंप दिया, जो एक साथ कई काम संभाल रही थीं।
