हिन्दी राइटर्स गिल्ड के कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ सम्पन्न

15 अगस्त के शुभ अवसर पर हिंदी राइटर्स गिल्ड कैनेडा ने 15 अगस्त, दोपहर 1:00 से 4:00 तक स्प्रिंगडेल ब्रांच लाइब्रेरी, ब्रैंपटन में एक विशेष कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के
उपलक्ष्य में एक सांस्कृतिक समारोह का आयोजन था, जिसमें भारतीय संस्कृति, साहित्य,और एकता का उत्सव मनाया गया। इस कार्यक्रम में एक आकर्षण यह भी था कि हिंदी राइटर्स गिल्ड, कनाडा टोरंटो के कुछ विशेष
लोगों को सम्मानित करने जा रही थी । साहित्य सेवा- सरस्वती सम्मान कृष्णा वर्मा जी को तथा समाज-सेवा गौरव सम्मान रचना शर्मा जी दिया गया। इस मासिक गोष्ठी का विवरण इस प्रकार है । कार्यक्रम के आरंभ में ही सभा की ओर से सभी दर्शकों और बाल कलाकारों के लिए स्वादिष्ट अल्पाहार का भी सराहनीय आयोजन था । सबने आनंदपूर्वक चाय के साथ समोसे, गुलाबजामुन और लड्डू का आनंद लिया, जिसका इंतजाम डॉक्टर शैलजा सक्सेना जी ने और डॉक्टर नरेंद्र ग्रोवर जी ने मिलकर किया था ।
सर्वप्रथम हिंदी राइटर्स गिल्ड की संस्थापक निदेशक डॉक्टर शैलजा सक्सेना जी ने सभी आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया और सबको भारतवर्ष की 80वीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई दी । इसके पश्चात श्रीमती मीना
शाह ने अपने मधुर स्वर में वंदे मातरम गीत सुना कर सभी को देशभक्ति की भावना से भर दिया। इसके पश्चात शैलजा जी ने सभी दर्शकों को कार्यक्रम की रूपरेखा का परिचय दिया तथा सभी दर्शकों को बताया कि विगत दो माह में, टोरंटो के हिंदी जगत में हिंदी के कई वरिष्ठ रचनाकार, श्री भारतेन्दु श्रीवास्तव जी , श्रीमती शैल शर्मा जी, श्रीमती राज कश्यप जी तथा कैनेडा की पत्रिक ‘चेतना’ के संस्थापक श्री श्याम त्रिपाठी जी इस दुनिया में नहीं रहे। इसके लिए सभी लोगों ने एक मिनट मौन रह कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके उपरान्त शैलजा जी ने कौंसिलेट से आए हुए अतिथि श्री अरुण जी का स्वागत किया तथा विशेष सम्मान के बारे में लोगों को जानकारी दी । श्री अरुण जी ने सभी को कौंसिलेट जनरल की ओर से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और दूतवास की सेवा में रहते हुए फिजी के अपने अनुभवों की चर्चा की । उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात यह कही कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सेनानियों के साथ-साथ साहित्य का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
उन्होंने कहा कि उनको आश्चर्यजनक प्रसन्नता हुई है, कि विदेश में भी इतने वर्षों से रहने वाले भारतीय हिंदी के प्रति इतना अधिक समर्पित हैं । इसके पश्चात शैलजा जी ने रमेश चौटाई का स्वागत किया । चौटाई जी को भारत सरकार से ‘ज्वेल आफ इंडिया ‘की उपाधि दी गई है । वे युगांडा की ओर से कनाडा और भारतवर्ष के लिए सेतु का काम करते हैं । वे एक बड़े व्यवसायी होने के साथ-साथ अनेक सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े हैं । उनका जीवन अत्यंत प्रेरणादायक रहा । उन्होंने अपने जीवन के बारे में हमें बताया कि अनेक संघर्षों के बाद ,युगांडा से निकाले जाने के बाद भी उन्होंने कनाडा के व्यावसायिक क्षेत्र में अपना स्थान बनाया । चौटाई जी ने राइटर्स गिल्ड को बधाई दी कि इतने वर्षों से विदेश में रहते हुए भी हम लोग हिंदी भाषा के लिए इतना काम कर रहे हैं ।
इसके पश्चात शैलजा जी ने सम्मान समारोह का कार्य आरंभ किया । सर्वप्रथम उन्होंने हिंदी राइटर्स गिल्ड की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती कृष्णा वर्मा जी का हार्दिक स्वागत करते हुए उनको ‘सरस्वती सम्मान’ देने की घोषणा की । उन्होंने कृष्णा जी के साहित्य सृजन की विस्तार से चर्चा की । हाइकू, चौका आदि काव्य विधाओं के साथ ही साथ उन्होंने लघु कथाएं भी लिखी हैं, और वे हिंदी चेतना के प्रकाशन के कार्य में भी पर्याप्त सहायता करती रही हैं । उनके निरंतर कई वर्षों के साहित्य सृजन की चर्चा कर उनको हिंदी राइटर्स गिल्ड के ‘सरस्वती सम्मान’ दिया गया और उसके पश्चात उनको अपने वक्तव्य के लिए आमंत्रित किया । कृष्णा जी ने हिंदी विशेषकर शैलजा जी की के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की । इसी संस्था के निरंतर प्रोत्साहन से उन्हें साहित्य सृजन की प्रेरणा मिली । उन्होंने कम्बोज जी की भी चर्चा की, उन्होंने उनके कार्य को प्रोत्साहित किया । चेतना में उन्हें कार्य करने का अवसर त्रिपाठी जी ने दिया इसके लिए उनके प्रति भी उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त की। इसके उपरांत शैलजा जी ने रचना शर्मा जी को-समाज-सेवा गौरव सम्मान के लिए मंच पर आमंत्रित किया और रचना शर्मा जी का विस्तृत परिचय देते उन्हें हिंदी राइटर्स गिल्ड की ओर से ‘समाज सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया । रचना जी ने अपने वक्तव्य में बताया कि वे एक अवकाश प्राप्त शिक्षिका हैं, जिन्होंने अपनी इच्छा से रिटायरमेंट लेकर भारतीय मूल के बच्चों में भारतीय संस्कार देने के लिए किस प्रकार संस्कार नामक एक संस्था आरम्भ की , जिसमें भारतीय मूल के बच्चों को हिन्दू धर्म की,हिंदी भाषा की शिक्षा देती हैं है ताकि वे अपनी भारतीय संस्कृति से परिचित हो सकें और उसका सम्मान कर सकें ।
इस कार्यक्रम में तीन संचालक थे, शैलजा सक्सेना ,विद्याधर जी तथा लता पाण्डे जी । सभी ने कुशलता के साथ संचालन किया | इसके पश्चात कार्यक्रम का संचालन विद्या भूषण घर को दिया गया और उन्होंने कार्यक्रम के दूसरे सत्र के संचालन आरंभ किया । इस सत्र में छोटे- छोटे बच्चों ने बहुत ही सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसका संबंध भारत के गौरव से था ।
सर्वप्रथम -“स्वराज्य शम्भा जी महाराज का एक अमर संकल्प” नामक एकलघु नाटिका प्रस्तुत की शिवांश राठौर,-अयांश खण्डेलवाल और-अंशिका परिहार ने । अपने सुंदर अभिनय सहित रूही शर्मा तथा ऋषि शर्मा ने एक
और सुंदर और रोचक लघु नाटक प्रस्तुत किया, जिसका नाम था “स्कूल बैग में छुपा भारत” ।”जब फिर मिले आज़ाद और भगत सिंह”: अरुल शुक्ला, अभिजय शुक्ला द्वारा प्रस्तुत किये गए नाटक में यह परिकल्पना की
गई थी कि स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह आज के भारत के बारे में क्या सोचते हैं ।
मांडवी ग्रुप ने ‘बोलें बोलियाँ’ नमक एक रोचक हास्य नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें भाग लेने वाले कलाकार थे, श्रृद्धा गुप्ता, मांडवी गुप्ता, गौरी गुप्ता, आयुषी गर्ग, कृतिका साहू तथा प्रीति कुमार ।
आयुषी पुरोहित ने अपने सुरीले स्वर में राजस्थानी भाषा में, विद्या भूषण धर जी ने कश्मीरी भाषा में तथा सतनाम कौल जी ने हिंदी में देशभक्ति से भरा गीत प्रस्तुत कर सबको मुग्ध कर दिया । नीरजा जोशी जी ने भी देश भक्ति से भरा एक गीत प्रस्तुत किया। अंत में श्रीमती कुसुम धीमान जी ने अपनी कविता सुनाई । हमारी सभा की एक अत्यंत उत्साही निदेशिका पूनम चंद्रा मनु ने छायाचित्र का कार्य सम्हाला । मनु ने इस कार्यक्रम के प्रचार के लिए कई वीडियो तथा फ्लायर बनाये । इस सराहनीय कार्य के लिए संस्था उनकी आभारी रहेगी । बहुत सुन्दर ढंग से प्रस्तुति करने के लिये बधाई मनु ! सभी प्रतिभागी सदस्यों, विशेष तौर पर बच्चों व उनके माता पिता , आयोजकों व सहयोगियों को अनेक बधाई! इस प्रकार बहुत बढ़िया रहा स्वतंत्रता दिवस का कार्यकम । बच्चे- बड़ों सबने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया तथा हिन्दी का तिरंगा उन्नत किया ।
जय हिंद! जय हिंदी! वंदे मातरम् !
रिपोर्ट : आशा बर्मन
