प्रौद्योगिकी के प्रसार में हिंदी की भूमिका पर संगोष्ठी

कोलकाता में भारतीय इस्पात प्राधिकरण (SAIL), अध्यक्षीय कार्यालय एवं नराकास उपक्रम-2 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ‘प्रौद्योगिकी के प्रसार में हिंदी की भूमिका’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागिता करने का अवसर प्राप्त हुआ।
अपने वक्तव्य में इस विषय के मूल आशय पर विशेष रूप से चर्चा की गई कि प्रौद्योगिकी के प्रसार और जनसुलभ बनाने में हिंदी जैसी भारतीय भाषाएँ किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। तकनीकी ज्ञान, नवाचार और डिजिटल साधनों को व्यापक समाज तक पहुँचाने में सरल, सहज और बोधगम्य हिंदी की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, हिंदी के माध्यम से तकनीकी शब्दावली, ज्ञान-संसाधनों और आधुनिक तकनीकी सूचनाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में SAIL के अधिकारियों, राजभाषा विभाग से जुड़े मित्रों तथा विभिन्न प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही। विषय पर हुए सार्थक संवाद और विचार-विमर्श ने हिंदी तथा प्रौद्योगिकी के परस्पर संबंध को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया।
इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए SAIL, अध्यक्षीय कार्यालय, नराकास उपक्रम-2 के सभी अधिकारियों, राजभाषा के मित्रों एवं समस्त प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
