“पुस्तक लोकार्पण व कवि गोष्ठी का आयोजन”


“प्रस्तुति-खुला मंच का आयोजन”
प्रतिष्ठित कहानीकार तेजेन्द्र शर्मा (यू.के.) के फरीदाबाद आगमन पर उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति-खुला मंच के तत्वावधान में लेखिका अनीता वर्मा की दो पुस्तकों “शेष-अशेष” (डायरी के पन्ने) व “ऊँच नीच का पापड़ा” (बालगीत संग्रह) का लोकार्पण व चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री तेजेन्द्र शर्मा ( सुप्रसिद्ध प्रवासी साहित्यकार यू.के.) ने की।
कार्यक्रम की प्रमुख वक्ता प्रतिष्ठित साहित्यकार सुश्री अलका सिन्हा रहीं। अन्य वक्ताओं में रामअवतार बैरवा (ग़ज़लकार व आकाशवाणी अधिकारी) व श्री ऋषि कुमार शर्मा (पूर्व उपसचिव हिन्दी अकादमी व रेडियो उद्घोषक) ने पुस्तक पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ रचना गोयल की सरस्वती वंदना से हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक निर्धारित प्रारूप से इतर नवीन प्रतिमान रचती हुई विमर्श करती है। प्रतिष्ठित साहित्यकार अलका सिन्हा ने विस्तार से पुस्तक के सभी आयामों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस किताब में जहाँ स्त्री सशक्त होकर कार्य कर रही है वहीं वो हार नहीं मानती है। उसे दोयम दर्जे का होना स्वीकार्य नहीं है। ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि पुस्तक में विदेश के अपने अनुभवों को साझा किया गया है और अपने जीवन के पन्नों को लेखिका ने साहित्यिक रूप से प्रस्तुत किया है। हर पन्ने के अंत में ऐसा लगता है कि कुछ नई बात निकली है। रामअवतार बैरवा ने कहा कि पुस्तक में डायरी के पन्ने संक्षेप में लिखे गए हैं पर पूरा पृष्ठ पढ़ने के बाद लगता है कि एक पृष्ठ में ही लेखिका पूरी बात कह जाती है। अनीता वर्मा ने अपनी पुस्तक की रचना प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डायरी के पन्ने यदा- कदा लिखे गए और इसमें मैंने बिना कुछ छिपाए अपने प्रति निर्मम होकर जीवन के उन क्षणों को लिखा है जो मुझे शक्ति देते रहे या जिन क्षणों में मेरे भीतर छटपटाहट थी।
इस अवसर पर दिल्ली व फरीदाबाद के प्रतिष्ठित साहित्यकारों में डॉ. मंजु गुप्ता, मृदुला भटनागर, डॉ. अरूणा गुप्ता, सुश्री सुमन माहेश्वरी, सुश्री शोभा (अमेरिका) सुश्री आशमा कौल, सुश्री अंजु दुआ जैमिनी, सुश्री रचना गोयल, सुश्री बबीता, सुश्री प्रोमिला काज़ी ने विशेष उपस्थिति दर्ज की। इस आयोजन में सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं का पाठ किया।
