आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी स्मृति विशेष व्याख्यान संपन्न

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, कलानिधि संविभाग द्वारा आयोजित आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. अवधेश प्रधान ने भारतीय संस्कृति की उस जीवंत परंपरा पर विचार रखा, जो केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि आत्मबोध, स्वाभिमान और समाज के जागरण की यात्रा है।
उन्होंने कहा कि जब जनसमूह के भीतर खोया हुआ स्वाभिमान जागेगा और ‘स्व’ को सबके चरणों में समर्पित करने की साधना विकसित होगी, तभी भारत की सांस्कृतिक चेतना और अधिक सशक्त होगी।
हमारी ज्ञान-परंपरा हमारे ऋषियों की अर्जित धरोहर है…. इसे आगे बढ़ाना और बाँटना ही उस ऋषि-ऋण को चुकाने का मार्ग है। इस अवसर पर केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय, कलानिधि संविभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. के अनिल कुमार मौजूद रहे।
