सिंगापुर में ‘वसुंधरा’ के तत्वाधान में आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन

रविवार 6 सितंबर को, हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में, भारतीय उच्चायोग सिंगापुर के सहयोग से ‘वसुंधरा’ के बैनर तले प्रथम सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन किया गया। सिंगापुर के प्रसिद्ध कलात्मक केंद्र स्टैमफ़ोर्ड आर्ट्स सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गीता पर आधारित हिंदी नाटक की प्रस्तुति रही। वसुंधरा की संस्थापक और मैथिली सोसायटी सिंगापुर की रचनात्मक निदेशक (Creative Director) आराधना झा श्रीवास्तव ने नाटक की पटकथा, संवाद लेखन के साथ ही इसका निर्देशन भी किया और श्रीकृष्ण की केंद्रीय भूमिका भी निभाई। मैथिली सोसायटी के कोषाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्रा ने संजय की भूमिका निभाई और अर्जुन की भूमिका वागीशा वाणी ने निभाई। नाटक में गीता के श्लोकों का उच्चारण संस्कृत भारती सिंगापुर के नन्हे विद्यार्थियों – नेरेला वेंटका निरंजना, लक्ष सदाक्षरी, महती मेधा विष्णु, गगना हेरले, आर्या बेलूर सुरेश, आरना हेगड़े के साथ-साथ उनकी शिक्षिका महोदया श्रीमती चारु श्रीकांत जी और श्रीमती बृंदा कर्णम् जी ने किया।


सिंगापुर इंडियन फ़ाइन आर्ट्स सोसायटी के छात्र अभिनव अंजनी चौधरी और गुरु सुप्रियो बनर्जी ने हारमोनियम और तबले की जुगलबंदी से श्रीकृष्ण भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। मैथिली सोसायटी सिंगापुर के युवा कलाकार सक्षम पोद्दार ने बाँसुरी पर श्रीकृष्ण भजन की मनमोहक धुन बिखेरी।
गुरु श्रीमती मीरा बालासुब्रमण्यन के नृत्य-निर्देशन में ‘कल्पवृक्ष फ़ाइन आर्ट्स’ की कुशल नृत्यांगनाओं – मातंगी शंकर, माया सैंथिल, नव्या मुथुकृष्णन्, अवंतिका शरद, श्रेया सतीश और विदिशा प्रबोध अहिरे ने श्री हरि के दशावतार पर आधारित भव्य प्रस्तुति दी। कल्पवृक्ष फ़ाइन आर्ट्स की वरिष्ठ प्रतिभासंपन्न छात्रा माया सैंथिल ने अर्जुन-श्रीकृष्ण संवाद और विश्व रूप पर आधारित प्रभावशाली एकल नृत्य प्रस्तुति भी दी।
गुरु श्रीमती सष्मिता पाल के नृत्य-निर्देशन में ‘गुरु देबप्रसाद नृत्य धारा’ की प्रतिभाशाली छात्राओं – सान्वी पाठक, कृतिक त्रिपाठी, अन्वेषा त्रिपाठी, पूजा प्रिया मोहंती, अनुष्मिता और अराधिता सिंह ने भगवान जगन्नाथ को समर्पित ओड़िसी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी । जीवन-दर्शन और अध्यात्म पर आधारित आराधना झा श्रीवास्तव की कविताओं के पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन आद्या श्रीवास्तव ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय उच्चायोग सिंगापुर की उप उच्चायुक्त महोदया माननीय सुधी चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वसुंधरा की संस्थापक और मैथिली सोसायटी (सिंगापुर) की रचनात्मक निदेशक आराधना झा श्रीवास्तव ने उन्हें मिथिला चित्रकला से सजे दोपटा पहनाने के साथ ही, अपने कविता संग्रह ‘भारत मुझमें बसता है’ की प्रति भी भेंट की। अपने संबोधन में माननीय उप उच्चायुक्त सुधी चौधरी ने ‘वसुंधरा’ द्वारा आयोजित भारतीय कला-संस्कृति, भाषा, साहित्य और रंगमंच के सुंदर समन्वय पर आधारित कार्यक्रम ‘धर्मक्षेत्र’ की प्रशंसा करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने हिंदी दिवस के महत्त्व को रेखांकित करते हुए हिंदी के प्रति अनुराग भाव को जगाने का प्रेरणादायी संदेश भी दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय उच्चायोग सिंगापुर की उप उच्चायुक्त महोदया माननीय सुधी चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वसुंधरा की संस्थापक और मैथिली सोसायटी (सिंगापुर) की रचनात्मक निदेशक आराधना झा श्रीवास्तव ने उन्हें मिथिला चित्रकला से सजे दोपटा पहनाने के साथ ही, अपने कविता संग्रह ‘भारत मुझमें बसता है’ की प्रति भी भेंट की। अपने संबोधन में माननीय उप उच्चायुक्त सुधी चौधरी ने ‘वसुंधरा’ द्वारा आयोजित भारतीय कला-संस्कृति, भाषा, साहित्य और रंगमंच के सुंदर समन्वय पर आधारित कार्यक्रम ‘धर्मक्षेत्र’ की प्रशंसा करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने हिंदी दिवस के महत्त्व को रेखांकित करते हुए हिंदी के प्रति अनुराग भाव को जगाने का प्रेरणादायी संदेश भी दिया।
सृजनात्मक अभिव्यक्तियों से विश्व को जोड़ने वाले सांस्कृतिक सेतु की परिकल्पना से गठित ‘वसुंधरा’ द्वारा आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ सिंगापुर के कला प्रेमियों के साथ ही आध्यात्मिक चेतनासंपन्न दर्शकों के मन-मस्तिष्क पर अपनी गहरी छाप छोड़ने में सफल रहा।
