विश्व हिंदी सचिवालय के 18 वें स्थापना दिवस पर पुस्तक लोकार्पण का आयोजन

विश्व हिंदी सचिवालय के 18 वें स्थापना दिवस पर डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे की दो पुस्तकें “ ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड की जादुई लोककथाएँ “ व हिन्दी-डच द्विभाषी पुस्तक “ पंचतंत्र की श्रेष्ठ कहानियाँ “ का लोकार्पण ।

11 फ़रवरी, 2026 को विश्व हिंदी सचिवालय ने शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग, मॉरीशस के तत्त्वावधान में तथा महात्मा गांधी संस्थान, मॉरीशस, “अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलैंड “सूरीनाम हिंदी परिषद्, सूरीनाम, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज, इंग्लैंड, बद्रीनारायण सिंह ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, भारत तथा स्वर्ण गंगा, तंज़ानिया के सहयोग से अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस उपलक्ष्य में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी : ‘हिंदी काव्य का अध्यापन और अध्ययन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी काव्य के पठन-पाठन का मार्गदर्शन प्रदान करना व पुस्तक लोकार्पण रहा।

डॉ. व्यास मणि त्रिपाठी, सेवा-निवृत्त अध्यक्ष, हिंदी विभाग, जवाहरलाल नेहरू सरकारी स्नातक महाविद्यालय, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान, भारत को अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।

सम्मेलन का प्रथम सत्र ‘सूरदास के काव्यों का अध्यापन-अध्ययन’ पर आधारित था, जिसमें मणिलाल डॉक्टर स्टेट सेकेंडरी स्कूल द्वारा ‘विनय और भक्ति’, लेडी सुशील रामगुलाम स्टेट सेकेंडरी स्कूल द्वारा ‘गोकुल लीला’ और महात्मा गांधी सेकेंडरी स्कूल, मोका द्वारा ‘उद्धव गोपी संवाद’ प्रस्तुत किया गया। श्रीमती चंद्रावती भोला, हिंदी अध्यापिका, बिक्रमसिंह रामलाला स्टेट सेकेंडरी स्कूल, मॉरीशस ने ‘मॉरीशस में सूरदास के दोहों का अध्यापन और अध्ययन’, श्री देवेंद्र नाथ पाठक, संस्थापक, स्वर्ण गंगा, तंज़ानिया ने ‘तंज़ानिया में सूरदास के दोहों का अध्यापन और अध्ययन’ और डॉ. अंजना सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश, भारत ने ‘भारत में सूरदास के दोहों का अध्यापन और अध्ययन’ विषयों पर वक्तव्य दिया।

द्वितीय सत्र ‘निराला, महादेवी वर्मा और पंत के काव्यों का अध्यापन-अध्ययन’ विषय पर आधारित था, जिसमें राजकुमार गजाधर स्टेट सेकेंडरी स्कूल द्वारा ‘बादल राग’ और ‘जागो फिर एक बार’, डी.ए.वी. कॉलिज मॉर्सेलमाँ सेंट आँद्रे द्वारा ‘धीरे-धीरे उतर क्षितिज से’ और ‘जीवन विरह का जलजात’ तथा गायताँ रेनाल स्टेट कॉलिज द्वारा ‘भारत माता’ और ‘द्रुत झरो’ की प्रस्तुति हुई।

श्रीमती रूमा देवी बसगीत, हिंदी अध्यापिका, टेयर-रूज़ स्टेट सेकेंडरी स्कूल, मॉरीशस द्वारा ‘मॉरीशस में निराला, महादेवी वर्मा और पंत की कविताओं का अध्यापन और अध्ययन’, डॉ. ऐश्वर्ज कुमार, एसोसिएट प्रोफ़ेसर, केंम्ब्रिज विश्वविद्यालय, इंग्लैंड द्वारा ‘इंग्लैंड में निराला, महादेवी वर्मा और पंत की कविताओं का अध्यापन और अध्ययन’ तथा अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलैंड की अध्यक्ष व वरिष्ठ लेखिका डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे , वैश्विक समन्वयक, सूरीनम हिंदी परिषद्, नीदरलैंड्स द्वारा ‘सूरीनाम में निराला, महादेवी वर्मा और पंत की कविताओं का अध्यापन और अध्ययन’ विषयों पर अपना विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत किया ।

दोनों सत्रों में डॉ. व्यास मणि त्रिपाठी ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय डॉ. महेंद गंगापरसाद, पीडीएसएम, शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्री उपस्थित थे तथा विशिष्ट अतिथि भारतीय उपउच्चायुक्त श्रीमती अपर्णा गणेसन रहीं।

संस्कार ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन एवं बद्रीनारायण सिंह ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के छात्रों एवं अध्यापकों द्वारा हिंदी साहित्य के चार प्रमुख कवियों – सूरदास, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा की चयनित कविताओं तथा उनसे संबंधित चित्र पर सुंदर प्रदर्शनी लगाई गई थी। समापन समारोह के आरम्भ में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में विश्व हिंदी सचिवालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी भाषण प्रतियोगिता : ‘हिंदी – मेरा अभिमान’ के परिणामों की घोषणा की गई और विजेताओं की वीडियो-प्रस्तुति भी हुई। महात्मा गांधी संस्थान के संस्कृत विभाग की अध्यक्षा डॉ. कीर्ति देवी रामजतन द्वारा रचित तथा वरिष्ठ व्याख्याता, हिंदुस्तानी गायन, श्री सुतीक्षण शर्मा मंगरू द्वारा स्वरबद्ध ‘काव्य वाणी को नमन हमारा’ शीर्षक गीत प्रस्तुत किया गया। डॉ. ऐश्वर्ज कुमार ने संगोष्ठी का सार सुनाया तथा संगोष्ठी की समापन-अभ्युक्ति डॉ. व्यास मणि त्रिपाठी ने की।

इस अवसर पर विश्व हिंदी सचिवालय की वार्षिक साहित्यिक पत्रिका ‘विश्व हिंदी साहित्य’, डॉ. व्यास मणि त्रिपाठी की पुस्तक ‘अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में हिंदी भाषा और साहित्य’, डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे द्वारा नीदरलैंड की लोक कथाओं पर आधारित तिसरी पुस्तक ‘ट्यूलिपों की धरती नीदरलैंड की जादुई लोक कथाएँ “ भाग तीन व ‘डच व हिन्दी की द्विभाषी पुस्तक “पंचतंत्र की श्रेष्ठ कहानियाँ’ का लोकार्पण माननीय शिक्षा मंत्री एवं उच्चायोग के अधिकारीयों द्वारा किया गया । इस अवसर पर डॉ. कल्पना लालजी कृत ‘धूप-छाँव’ का भी विमोचन हुआ।

कार्यक्रम के सभी सत्रों का संचालन नीदरलैंड से पधारी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगठन नीदरलैंड की अध्यक्ष डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे तथा एक सत्र का संचालन डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने किया। उपमहासचिव डॉ. शुभंकर मिश्र ने धन्यवाद-ज्ञापन किया।
इस अवसर पर मॉरिशस के शिक्षा मंत्री द्वारा डॉ. व्यास मणि त्रिपाठी , तंजानिया से श्री देवेन्द्र पाठक नीदरलैंड से डॉ .ऋतु शर्मा ननंन पाँडे को विश्व हिन्दी सचिवालय का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया ।

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