राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जयंती पर हिंदी वर्तनी कार्यशाला एवं अंतरविद्यालयी हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती के अवसर पर पश्चिमांचल हिंदी प्रचार समिति एवं दिनकर साहित्य चेतना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शैशव विद्यालय में शिक्षकों के लिए “हिंदी वर्तनी की सामान्य भूलें” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला तथा अंतर विद्यालय हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शैशव विद्यालय समूह की निदेशिका श्रीमती रोली खान एवं शैक्षणिक निदेशक श्री एन.के. सिन्हा जी ने मुख्य अतिथि डॉ. माणिक मृगेश एवं अन्य अतिथियों का पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. माणिक मृगेश ने राष्ट्रकवि दिनकर जी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनकी भाषा नीति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि दिनकर जी 1965 से 1971 तक भारत सरकार के हिंदी सलाहकार भी रहे। उन्होंने दिनकर के साहित्य में राष्ट्रचेतना और भाषा शुद्धता के महत्व को रेखांकित किया।
विद्यालय के शैक्षणिक निदेशक श्री निशेश कुमार सिन्हा जी ने नव गठित ‘दिनकर चेतना परिषद – नवोन्मेष’ की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी।
दिनकर साहित्य पर आधारित आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में वडोदरा स्थित विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर पश्चिमांचल हिंदी प्रचार समिति के डॉ. धनंजय चौहाण, डॉ. मीरा सक्सेना, डॉ. शांति बचलस, डॉ. नीलावती मेघाणी, श्रीमती कामना गुप्ता सहित अनेक शिक्षाविद एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।


