सिडनी में हिंदी दिवस साहित्य सम्मेलन
दिनांक 26.9.2026 को सिडनी में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। सिडनी की संस्था इंडियन लिटरेरी और आर्ट सोसाइटी ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने वैश्विक परिवार, एकल संस्था, इंडियन सीनियर हॉर्न्सबी, दर्पण, तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के सौजन्य से हिंदी दिवस साहित्य सम्मेलन का पैरामैटा फाइव में सफल आयोजन किया।
इलासा तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा पिछले सत्तरह साल से हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष इस आयोजन में 27 प्रतिभाशाली रचनाकारों ने भाग लिया तथा अपनी मर्म स्पर्शी रचनाओं से सबका मन मोह लिया। पैरामैटा के काउंसलर समीर पांडे, प्रो माथुर, देव पासी तथा रेखा राजवंशी ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रारंभ में ऋचा श्रीवास्तव की वंदना ने वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर समीर पांडे जी ने साहित्यिक गतिविधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि पैरामैटा में शीघ्र लिटफेस्ट का आयोजन किया जाएगा। देवेन्द्र गुप्ता जी ने कार्यक्रम की सराहना तो की ही, बल्कि एकल विद्यालय के विषय में भी जानकारी दी।
विविध विषयों से जुड़े विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत हुईं। नॉस्टेल्जिक रचनाओं में प्रकृति को माध्यम बनाकर देश को याद किया तो वहीं दूसरी ओर हिंदी के महत्त्व पर भी कवितायेँ पढ़ी गईं। एक तरफ द्रोपदी तो दूसरी तरफ मांडवी की व्यथा कथा का भी बयान हुआ। एन आई बनकर क्या पाया क्या खोया जैसे विषयों पर भी रचना पाठ हुआ। कभी काशी की यादों में मन डुबकियां लेता रहा तो कभी भारत के समसामयिक हड़ताली माहौल पर भी छींटाकशी की गई। दो लघु कथाओं का भी वाचन किया गया। कविताओं के अतिरिक्त ग़ज़लों और शायरी की भी धूम रही। माहौल को वरिष्ठ कवियों में प्रो आर पी माथुर, डॉ सुमन अग्रवाल, डॉ शैलजा चतुर्वेदी, अनिल वर्मा, संतराम बजाज, देव पासी, हरमोहन वालिया, रेखा राजवंशी, डॉ नूपुर अशोक, दर्शन मोंगिया, गुंजन त्रिपाठी, और पर्थ की संगीता बंसल के काव्य पाठ ने सबको मंत्र मुग्ध किया तो अपेक्षाकृत युवा कवियों में मृणाल शर्मा, शिशिरेंदु झा, कंवर प्लाहा, इंगिता चड्ढा, गौरव उपाध्याय, नमिता पाठक, मानित भास्कर, तरुण मालवीय, तौफ़ीक़ अहमद शेख, श्वेता, आकांक्षा श्रीवास्तव, रेणु सिग्नल, कुलदीप यादव की रचनाओं को भरपूर सराहना मिली। ऋचा श्रीवास्तव, शोभा इंग्लेश्वर, तनु शर्मा और शारदा शर्मा जी के गायन ने माहौल को जीवंत बना दिया ।
तीन घंटे के इस कार्यक्रम में लोग आखिर तक जुड़े रहे। गौरव उपाध्याय ने कुशल मंच संचालन किया तो तरुण, गरिमा और अर्चना ने चाय नाश्ते का इंतज़ाम संभाला । हरमोहन वालिया जी के कैमरे ने सबके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर दी ।
श्रोताओं और वक्ताओं से भरपूर कक्ष में हिंदी के प्रति अद्भुत उत्साह देखने को मिला कार्यक्रम के बाद सबने इलासा की संस्थापक रेखा राजवंशी के इस प्रयास की भरपूर सराहना की।
रिपोर्ट : मृणाल शर्मा


