नालंदा विश्वविद्यालय में विश्व रंग 2026 का भव्य शुभारंभ
नालंदा विश्वविद्यालय के 455 एकड़ में फैले नवनिर्मित परिसर के भव्य सभागार, विश्व मित्रालय में साहित्य, कला, विज्ञान, संस्कृति और भाषा को नई दिशा देने वाले दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव ‘विश्व रंग 2026 ‘का शुभारंभ 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों एवं भारत के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों, शिक्षाविदों, संस्कृति कर्मियों एवं हिंदी सेवियों की उपस्थिति में 7 अक्टूबर को हुआ। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ विचारक एवं शिक्षाविद श्री मुकुल कानिटकर, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री के. श्रीनिवास, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के उप महानिदेशक डॉ. राजेश रंजन, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सचिन चतुर्वेदी, विश्व रंग के निदेशक एवं कुलाधिपति श्री संतोष चौबे सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रही। डॉ. जवाहर कर्णावट (उपाध्यक्ष, वैश्विक हिन्दी परिवार) ने विश्व रंग के द्वितीय सत्र- ‘अनुवाद -भाषा, परंपरा और विकास’ में अपने विचार व्यक्त किए। सत्र की अध्यक्षता हिंदी- मलयालम के विद्वान डॉ. ए. अरविंदाक्षन ने की। विशिष्ट अतिथि कोकणी विद्वान श्री भूषण भावे थे। अन्य वक्ताओं में डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव डॉ. अदिति चतुर्वेदी एवं डॉ. ज्योति चावला की भागीदारी रही। नालंदा से पूर्व विश्व रंग के दो दिवसीय कार्यक्रम पटना में भी संपन्न हुए।


