‘डायसपोरा: भारत की वैश्विक ताक़त’ विषय पर अतिथि व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम सम्पन्न

हिंदी विभाग, एन.एम.के.आर.वी. कॉलेज, जयनगर, बेंगलुरु द्वारा वैश्विक हिंदी परिवार के सहयोग से दिनांक 14 जुलाई 2026 को “डायस्पोरा:भारत की वैश्विक ताकत”**(Diaspora: India’s Global Strength) विषय पर **अतिथि व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम (Guest Talk & Interaction Programme) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय डायस्पोरा की भूमिका, हिंदी की वैश्विक उपस्थिति तथा हिंदी के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का सफल संचालन बी.बी.ए. की छात्राओं लक्षिता एवं मुफीदा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। बी, कॉम. छात्रा नवनीत ने प्रथम वक्ता श्रीमती नर्मदा कुमारी का संक्षिप्त एवं प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की अकादमिक काउंसलर श्रीमती सुमन प्रसाद, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा एवं हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. उर्मि दत्ता द्वारा पौधे में जल अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का संदेश देते हुए तथा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत करने के साथ हुआ।
बी. कॉम.छात्रा ने प्रथम वक्ता श्रीमती नर्मदा कुमारी का संक्षिप्त एवं प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने उनके वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी एवं गैर-हिंदी क्षेत्र समन्वयक, वैश्विक हिंदी परिवार के रूप में उल्लेखनीय कार्यों से उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों को परिचित कराया। इसके पश्चात श्रीमती नर्मदा कुमारी ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

श्रीमती नर्मदा कुमारी, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी एवं गैर-हिंदी क्षेत्र समन्वयक, वैश्विक हिंदी परिवार, ने वैश्विक हिंदी परिवार की विभिन्न गतिविधियों तथा हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार में संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अनुवाद, राजभाषा, भाषा प्रौद्योगिकी तथा अन्य भाषाई क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार एवं कैरियर की संभावनाओं से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपने भाषा कौशल का विकास कर हिंदी के माध्यम से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात डॉ. उर्मि दत्ता, सहायक प्राध्यापिका, हिंदी विभाग, ने मुख्य वक्ता श्री मनीष पांडेय का प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने श्री पांडेय के प्रवासी हिंदी साहित्यकार, अमेज़न (नीदरलैंड्स) के प्रबंधक तथा वैश्विक हिंदी परिवार के तकनीकी संपादक के रूप में उनके उल्लेखनीय योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराया।
मुख्य वक्ता श्री मनीष पांडेय ने “Diaspora: India’s Global Strength” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए डायस्पोरा की संकल्पना, उसके महत्व तथा विदेशों में बसे भारतीय समुदाय द्वारा हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में निभाई जा रही भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं भी प्रवासी भारतीय के रूप में हिंदी के प्रचार-प्रसार से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं तथा विभिन्न माध्यमों से हिंदी को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने का कार्य कर रहे हैं।
व्याख्यान के दौरान ही विद्यार्थियों के साथ एक संवाद (Interaction Session) आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने डायस्पोरा, हिंदी, अनुवाद, विदेशों में रोजगार, तकनीकी क्षेत्र में हिंदी की उपयोगिता तथा वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। श्री मनीष पांडेय ने सभी प्रश्नों का अत्यंत धैर्यपूर्वक, सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से उत्तर दिया, जिससे विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। यह संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत रोचक, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक रहा।
कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थित सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह अतिथि व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी की वैश्विक प्रासंगिकता, भारतीय डायसपोरा की भूमिका तथा हिंदी के क्षेत्र में उपलब्ध राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों की व्यापक जानकारी प्राप्त हुई।
रिपोर्ट प्रस्तुति : डॉ. सीमा शर्मा
