पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव
पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव मनुष्य की मृत्यु का समाचार हमेशा एक ही बात नहीं कहता। कभी वह केवल यह बताता है कि एक शरीर…
हिंदी का वैश्विक मंच
पद्मश्री कैलाशचंद्र पंत : स्मृति शेष — मनोज कुमार श्रीवास्तव मनुष्य की मृत्यु का समाचार हमेशा एक ही बात नहीं कहता। कभी वह केवल यह बताता है कि एक शरीर…
प्रो. नामवर सिंह जन्मशती समारोह में आठवाँ स्मारक व्याख्यान आयोजित, पुस्तक ‘मेरे बिसरे बिखरे शब्द’ का लोकार्पण नई दिल्ली। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के कलानिधि प्रभाग द्वारा हिंदी…
मैं कौन हूँ? : दक्ष वर्मा दक्ष ने पूछा है ‘मैं कौन हूं’एक बच्चा स्कूल से हाई स्कूल, हायर सेकंडरी की पढ़ाई के बाद कॉलेज एडिशन के लिये जाता है…
मिलिए प्रदेश की पहली महिला पत्रकार अलकनंदा साने से विशेष बातचीत : स्वरांगी साने सफेद बाल, साधारण सूती साड़ी और हिंदी भाषा में बात, यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को…
ब्रिटेन में हिंदी कविता के साढ़े तीन दशक! : डॉ. पद्मेश गुप्त डॉ. पद्मेश गुप्त ब्रिटेन में बसे प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद्, उद्यमी और समाजसेवी हैं, जिन्होंने हिन्दी भाषा, शिक्षा और…
श्री प्रदीप गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रवासी साहित्य की यात्रा – एक संघर्ष गाथा (भाग-1)’ के लोकार्पण पर आयोजित अति विशिष्ट साहित्यिक एवं कविता संगोष्ठी द रेडिंग्स, मिल हिल, लंदन…
मोह (कहानी) – मधुरिमा कोहली *********आज के विमर्श में हम पढ़ते हैं वरिष्ठ साहित्यकार, दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर डॉ मधुरिमा कोहली जी की कहानी। डॉ मधुरिमा कोहली प्रतिष्ठित साहित्यकार…
डॉ.पद्मा श्रीवास्तव-शब्द से संस्कृति तक : डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे (साक्षात्कारकर्ता) आज हम ऐसी साहित्य साधिका, शिक्षाविद्, प्रशासक और संस्कृति-चिंतक के सृजन-संसार से रूबरू होने जा रहे हैं ,…
महादेवी वर्मा के रेखाचित्र ‘नीलकंठ’ में राष्ट्रीयता : डॉ. संध्या सिलावट वर्षा की पहली बूँद अभी धरती तक पहुँची भी नहीं है। दूर क्षितिज पर मेघों की गहरी परतें उमड़…
प्रदक्षिणाम पदे पदे : डॉ. गरिमा संजय दुबे संसार का आदि तीर्थ, आदि कर्मकांड कदाचित परिक्रमा ही है। परिक्रमा अथवा प्रदक्षिणा की परंपरा और महत्व देखने चलते हैं तो पता…
स्वरांगी साने : न्यूटन के बहाने से…. यदि किसी क्षण आप असुरक्षित महसूस करते हैं, तो ऐसा महसूस कर पाने के लिए भी बड़े साहस की ज़रूरत होती है। दुर्बलता…
पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी हम घर का कचरा तो बुहार देते हैं, लेकिन बड़े घर यानी पर्यावरण को दूषित क्यों करते हैं? ये पृथ्वी हमारा बड़ा…
महान फ़िल्म द ग्रेट डिक्टेटर के अंत में चार्ली चैप्लिन का भाषण : शैलेन्द्र चौहान मुझे खेद है लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। ये मेरा काम नहीं है। किसी…
भारतीय भाषाओं को लाने के लिए पाठ्यपुस्तकों को द्विभाषी करना होगा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं भारतीय भाषा मंच के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय भाषा विचार समूह की राष्ट्रीय वेब…
स्वरांगी साने : नाम ही बदला है, घटना नहीं, कल सोनम थी, आज सिया, कल कोई और … इस बार नाम सिया है, पिछले साल सोनम थी। अगली बार कोई…
वियतनाम साहित्य अधिवेशन की सफलता पर सजा वैश्विक काव्य उत्सव सोमवार, 29 जून, 2026 “प्रज्ञान विश्वम्'( बहुराष्ट्रीय एवं बहुभाषिक पत्रिका) एवं वैश्विक ख्याति प्राप्त संस्था “अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय…
“आधुनिकता का संत्रास और संबंधों का साधनीकरण” (आलेख) : मनोज श्रीवास्तव सन् १९८० में जब सुभाष घई की फ़िल्म ‘क़र्ज़’ भारतीय सिनेमाघरों में आई, तो दर्शकों ने उसे एक रोमांचक…
योग : भारतीय संस्कृति और वैश्विक उपहार विषयक वैश्विक संगोष्ठी सम्पन्न विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद, वातायन तथा भारतीय भाषा मंच के संयुक्त तत्वावधान में वैश्विक…
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव रियाद में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रियाद में आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े…
मनोज श्रीवास्तव ( साक्षात्कार ) : मानस के अनछुए पहलू डॉ. संध्या सिलावट जी ने लिया मनोज श्रीवास्तव जी, मुख्य चुनाव आयुक्त, मध्य प्रदेश का साक्षात्कार भारतीय समाज में तुलसीदास…