श्री प्रदीप गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रवासी साहित्य की यात्रा – एक संघर्ष गाथा (भाग-1)’ के लोकार्पण पर आयोजित अति विशिष्ट साहित्यिक एवं कविता संगोष्ठी

द रेडिंग्स, मिल हिल, लंदन में कथा (यूके) एवं एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स द्वारा जर्मनी की साहित्यकार, शिक्षाविद एवं पत्रकार डॉ शिप्रा शिल्पी के लंदन आगमन पर श्री प्रदीप गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रवासी साहित्य की यात्रा – एक संघर्ष गाथा (भाग-1)’ के लोकार्पण पर आयोजित हुई अति विशिष्ट साहित्यिक एवं कविता संगोष्ठी।
लन्दन में हिन्दी भाषा, साहित्य, संस्कृति की अति प्रतिष्ठित प्रतिनिधि संस्था कथा (यूके) एवं एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स द्वारा जर्मनी की सुप्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार, शिक्षाविद एवं पत्रकार डॉ. शिप्रा शिल्पी सक्सेना के लन्दन आगमन पर अति विशिष्ट स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई के श्री प्रदीप गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रवासी साहित्य की यात्रा – एक संघर्ष गाथा (भाग-1)’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कथाकार श्री Tejendra Sharma एवं वरिष्ठ साहित्यकार ज़किया ज़ुबैरी द्वारा एक अति विशिष्ट आत्मीय भव्य आयोजन द रेडिंग्स, मिल हिल में किया गया।

इस अवसर पर लन्दन के गणमान्य राजनीतिज्ञ हाउस ऑफ कॉमन्स के लोकप्रिय सांसद श्री वीरेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय उच्चायोग की हिन्दी एवं संस्कृति अधिकारी डॉ. Anuradha Pandey जी ने की। कार्यक्रम का संयोजन एवं सशक्त संचालन सुप्रसिद्ध कथाकार एवं कथा यू के के संस्थापक श्री तेजेन्द्र शर्मा ने किया। यह आयोजन ‘एशियन कम्युनिटी आर्ट्स’ की अध्यक्ष एवं लेबर पार्टी से काउंसलर वरिष्ठ प्रवासी हिंदी लेखिका, कवयित्री और राजनयिक ज़किया ज़ुबैरी जी के निवास स्थान पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में तेजेन्द्र शर्मा जी ने डॉ शिप्रा शिल्पी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का परिचय देते हुए उनके लेखकीय जीवन के अनुभव पर बातचीत की। उन्होंने कहा जर्मनी में हिन्दी शिक्षण, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति की दिशा में डॉ शिप्रा द्वारा किये जा रहे कार्य अति प्रशंसनीय है।
डॉ शिप्रा ने अपनी संस्था वैश्विक हिन्दीशाला,जर्मनी एवं सृजनी ग्लोबल, यूरोप की ओर से श्री वीरेंद्र शर्मा, सुश्री ज़किया ज़ुबैरी, श्री तेजेन्द्र शर्मा एवं अनुराधा पांडेय को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया।
कार्यक्रम में डॉ शिप्रा ने अपनी पुस्तक प्रवासी क्षितिज पर भारत की भोर – डॉ शिप्रा शिल्पी और अपनी संपादित पुस्तक ‘जर्मनी की चयनित रचनाएं भेंट की एवं प्रदीप गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रवासी साहित्य की यात्रा : एक संघर्ष गाथा भाग – 1’ का लोकार्पण किया गया।
मुंबई से पधारे श्री प्रदीप गुप्ता ने प्रवासी साहित्यकारों के निजी एवं साहित्यिक संघर्षों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे इस पुस्तक के खंड दो पर काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में लन्दन के प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. अनुराधा पांडेय, तेजेन्द्र शर्मा, डॉ शिप्रा शिल्पी सक्सेना, Indu Barot , Ashutosh Kumar , प्रदीप गुप्ता एवं विनीत जौहरी ने अपनी शानदार कविताओं, ग़ज़ल एवं गीतों से सभी कर मन मोह लिया।
द रेडिंग्स, मिल हिल, लन्दन में आयोजित ये महत्वपूर्ण आयोजन अविस्मरणीय रहा।
रिपोर्ट – डॉ. शिप्रा शिल्पी
