जगन्नाथ इंटरनेशनल मैनेजमेंट स्कूल (JIMS), रोहिणी में फैकल्टी सदस्यों के लिए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन सम्पन्न

जगन्नाथ इंटरनेशनल मैनेजमेंट स्कूल (JIMS), रोहिणी में फैकल्टी सदस्यों के लिए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुझे मुख्य वक्ता के रूप में “समकालीन जीवन में भारतीय मूल्य एवं जीवन-दर्शन” विषय पर वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। वक्तव्य मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आज के आधुनिक और भौतिकतावादी युग में भारतीय मूल्यों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ और ‘निष्काम कर्म’ जैसे प्राचीन सिद्धांतों को आधुनिक कार्य-संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही, शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि वे केवल किताबी ज्ञान न देकर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करें। वर्तमान पर्यावरण संकट और मानसिक तनाव के समाधान के रूप में भारतीय जीवन-शैली को अपनाने की बात कही गई। तकनीकी प्रगति के साथ सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना ही देश की असली प्रगति है। इस सत्र में कॉलेज प्रबंधन और फैकल्टी के 100 शिक्षाविद ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
