सिंगापुर में सजी हिंदी की खूबसूरत महफ़िल ‘पहचान’, 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने लिया हिस्सा

सिंगापुर। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के रंगों से सजी एक भावपूर्ण सांस्कृतिक संध्या का आयोजन सिंगापुर में किया गया। ‘पहचान’ नामक इस विशेष आयोजन में 400 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में कहानियों, कविताओं, गीतों और संवादों के माध्यम से प्रवासी भारतीय जीवन और हिंदी के प्रति आत्मीय जुड़ाव को अभिव्यक्ति मिली।

यह आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के विशेष अवसर के साथ-साथ सिंगापुर के राष्ट्रीय दिवस और भारत के स्वतंत्रता दिवस के बीच प्रवासी भारतीयों की भावनाओं को स्वर देने वाला रहा। कार्यक्रम के दौरान हिंदी के प्रति दर्शकों का उत्साह और आत्मीयता विशेष रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम की ‘अहिस्ता-अहिस्ता’ महफ़िल में साहित्य और संगीत का सुंदर समन्वय देखने को मिला। रत्नेश पांडेय, अमितेश कुमार, शांति प्रकाश उपाध्याय और विनोद दूबे ने अपनी कहानियों, कविताओं, बतकहियों और गीतों से उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर किया। अजीत गोपालकृष्णन ने गिटार पर संगत देकर प्रस्तुतियों को संगीतात्मक गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम में एनपीएस स्कूल से आए विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह विश्वास मजबूत किया कि सिंगापुर में हिंदी की जड़ें नई पीढ़ी तक भी मजबूती से पहुँच रही हैं और आने वाले समय में हिंदी का सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विस्तार जारी रहेगा।

आयोजन ने प्रवासी भारतीयों के बीच हिंदी को केवल भाषा के रूप में नहीं, बल्कि अपनी स्मृतियों, संवेदनाओं और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का कार्य किया। कहानियों, कविताओं, गीतों और संवादों से सजी यह शाम उपस्थित लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव बनी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ‘अहिस्ता-अहिस्ता’ टीम को बधाई और शुभकामनाएँ दी गईं। आयोजन से जुड़े सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हिंदी के वैश्विक प्रसार और नई पीढ़ी में उसके संरक्षण की कामना की गई।

कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के सहयोग और सहभागिता का भी उल्लेख किया गया।

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