एक शे’र अर्ज़ किया है….. 335वाँ अंतरराष्ट्रीय तरही मुशायरा

एक शे’र अर्ज़ किया है, पटल के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित डिजिटल वीडियो गोष्ठी का 335वाँ मुशायरा 12 सितम्बर, 2026 को आयोजित किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता और संयोजन न्यूयॉर्क (अमेरिका) से अज़ीम शायर अशोक सिंह ने किया। आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था।
“मुझ को ख़ुद अपनी तबाही का सबब याद नहीं”
“दिल की दीवारों पे कुछ परछाइयाँ रह जाएँगी”
कुल 18 कलम नवीसों की भागीदारी में 22 नई ग़ज़लें कही गईं। सभी श्रोताओं ने ख़ूबसूरत शायरी का लुत्फ़ उठाया। जिसमें भारत से राश दादा राश, रूबी मोहंती, अकबर खान, प्रयाग त्रिवेदी, सुरेन्द्र कौशिक, राम प्रकाश यात्री, ममता किरण, सज्जाद अख़्तर, के पी सक्सेना, रेणु हुसैन, राजेंद्र राज निगम, खुर्रम नूर, मनोज अबोध, एवं अमेरिका से मधु शर्मा, सुषमा मल्होत्रा ने शिरकत की।
यह कार्यक्रम भी पिछले मुशायरों की तरह शाइ’री की बेहतरीन पेशकश के साथ नई बुलंदियों को छूता हुआ था। हिंदी और उर्दू तरही ग़ज़लों से सजी हुई यह महफ़िल अदब की दुनिया में अपना अलग ही मुक़ाम रखती है। करीब 3 घंटे तक चले इस कार्यक्रम कार्यक्रम में शायर और शायरी की धूम रही।
रिपोर्ट : फेसबुक साभार से
