हिंदी युवा संगम–4 : लंदन में युवा प्रतिभाओं ने बिखेरा हिंदी प्रेम और आत्मविश्वास

11 सितंबर 2026 की शाम पूरी SangamUK: Indian Community Association संगम यूके टीम के लिए बेहद गर्व और खुशी का अवसर रही। लंदन के प्रतिष्ठित द नेहरू सेंटर में “हिंदी युवा संगम – 4” का सफल आयोजन हुआ और लगातार चौथे वर्ष ब्रिटेन की युवा पीढ़ी ने हिंदी के प्रति अपना प्रेम, आत्मविश्वास और उत्साह मंच पर जिस खूबसूरती से दिखाया, वह सचमुच दिल छू लेने वाला था।
संगम यूके की स्थापना के पीछे हमारा एक प्रमुख उद्देश्य रहा है—ब्रिटेन में पली-बढ़ी नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ना, उन्हें हिंदी बोलने और अपनी बात हिंदी में अभिव्यक्त करने के लिए मंच देना। इस वर्ष भी हमारे युवा प्रतिभागियों ने कविता, कहानी, अनुभव और विभिन्न विषयों पर अपनी प्रस्तुतियों से साबित किया कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और भावनाओं को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है।
सभी प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। विशेष बधाई अनुरिमा सिंह को प्रथम पुरस्कार, आरव शर्मा को द्वितीय पुरस्कार और ऋषभ सिंघानिया को तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए। 👏🏆 लेकिन मेरे लिए इस मंच पर आने वाला हर युवा विजेता है—क्योंकि हिंदी में आत्मविश्वास के साथ मंच संभालना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
हमारे सम्मानित निर्णायक मंडल—डॉ. अनुराधा पांडे, दिव्या माथुर जी और वंदना खुराना जी—का विशेष धन्यवाद, जिन्होंने प्रतिभागियों को बहुत बारीकी से सुना और उनका उत्साह बढ़ाया। भारतीय उच्चायोग तथा The Nehru Centre, London के सहयोग के लिए भी हम हृदय से आभारी हैं।

कार्यक्रम का शानदार संचालन कवि एवं लेखक आशीष मिश्रा जी ने किया। उनकी ऊर्जा और सहज शैली ने पूरे कार्यक्रम को लगातार जीवंत बनाए रखा। सौ से अधिक दर्शकों, भारतीय डायस्पोरा के प्रतिष्ठित सदस्यों, कम्युनिटी लीडर्स, साहित्यकारों, सहयोगी संस्थाओं और हमारे सभी शुभचिंतकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
संगम यूके की पूरी टीम—राजेश विश्वकर्मा, संतोष पांडे, योगेश पांडे, जितेंद्र गुप्ता, आशुतोष कुमार, कमलजीत कौर, सारिका हांडा, युग देशपांडे और गगन अवस्थी—सहित सभी सहयोगियों और प्रायोजकों को मेरा हृदय से धन्यवाद। ऐसे कार्यक्रम किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प और मेहनत से सफल होते हैं। इसके साथ साथ हमारे सभी स्पॉन्सर्स और सहयोगी संघटनों को भी बहुत बहुत धन्यवाद जिनके सहयोग से ये कार्यक्रम सफल हो सका।
चार वर्ष पहले शुरू हुआ यह सफर अब एक खूबसूरत परंपरा बनता जा रहा है। लंदन में हिंदी के लिए युवाओं और परिवारों का यह उत्साह देखकर हमारा विश्वास और मजबूत हुआ है कि आने वाली पीढ़ियों में हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है।
हिंदी युवा संगम केवल एक कार्यक्रम नहीं—यह अपनी भाषा, अपनी जड़ों और अपनी अगली पीढ़ी के बीच एक सेतु है।
आप सभी का स्नेह और सहयोग यूँ ही बना रहे। अगले वर्ष फिर मिलेंगे, और भी अधिक युवा आवाज़ों और हिंदी के प्रति उसी उत्साह के साथ।
इस अवसर पर अनुराधा पांडे, दिव्या माथुर, वंदना खुराना, कुलदीप शेखावत, तरुण घुलाटी, पार्षद मनोज मिश्रा, वीरेंद्र शर्मा, उदेश्वर कुमार सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, हृदेष गुप्ता, दिनेश कुमार सरस्वत, अरुण अस्थाना, दीपक पटेल, विनीत जौहरी, रश्मि मिश्रा, राज रावत, पार्षद परवीन रानी, अजय अग्रवाल, ममित अग्रवाल और विक्की शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। नमस्ते भारत, संगम : इंडियन कम्युनिटी इन यूके और ब्रह्मऋषि मिशन यूके सहित सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता भी रही।
