“एक शेर अर्ज़ किया है” का 340वाँ अंतरराष्ट्रीय तरही मुशायरा आयोजित

एक_शेर_अर्ज़_किया_है, पटल के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 340वाँ मुशायरा 17 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता और संयोजन न्यूयॉर्क, अमेरिका से अशोक सिंह ने किया। आज का मुशायरा इन मिसरों पर आधारित था।
(685) ऐ यार मगर तेरी गली तेरी गली है।
(686 ) न तुम बेकार बैठे हो न हम बेकार बैठे हैं।
आप यू ट्यूब पर इस लिंक के माध्यम से कार्यक्रम सुन सकते हैं-
https://youtu.be/QDtO-MqdmDw
कार्यक्रम में १४ लोगों ने नई ग़ज़लें और कविताएँ सुनाईं। भाग लेने वालो में मलेशिया से दिगम्बर नासवा, रायपुर छत्तीसगढ़ से के.पी.सक्सेना, अमेरिका से मधु शर्मा, संयुक्त अरब अमीरात से कौसर भुट्टो, अमेरिका से सुरेन्द्र कौशिक, ग़ाज़ियाबाद भारत से डॉ. इला कुमार, गुरुग्राम हरियाणा से नीना सहर, ग्रेटर नोएडा से रूबी मोहन्ती, दिल्ली से संजीव दुआ, भारत से डॉ. खुर्रम नूर, ग्रेटर नोएडा (उप्र) से मनोज अबोध, नई दिल्ली से लक्ष्मी शंकर बाजपेई भारत से सज्जाद अख़्तर और अमेरिका से अशोक सिंह ने शिरकत की।
करीब दो घंटे का यह कार्यक्रम भी पिछले मुशायरों की तरह शायरी की बेहतरीन पेशकश के साथ नई बुलंदियों को छूता हुआ था। हिंदी और उर्दू तरही ग़ज़लों और बेहतरीन कविताओं से सजी हुई यह महफ़िल अदब की दुनिया में अपना अलग ही मुक़ाम रखती है।
रिपोर्ट: मनोज अबोध
