इस गरिमामय साहित्यिक समारोह की अध्यक्षता डा.खेमसिंह डहेरिया, सभापति,निजी विश्व विद्यालय विनियामक आयोग भोपाल मध्यप्रदेश ने की, मुख्य अतिथि  डा.नरेश कुमार तिवारी, कुलगुरु, सैम ग्लोबल विश्व विद्यालय भोपाल तथा विशेष अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद्  डा.प्रभा मिश्रा भोपाल रहीं। सारस्वत अतिथि रहे डा.राजेश श्रीवास्तव निदेशक रामायण केंद्र एवं श्री पवन कुमार जैन आइ,टी.एस.अधिकारी भारत सरकार दूर संचार विभाग।

मंचस्थ अतिथियों ने माता सरस्वती का पूजन अर्चन एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.मोहन तिवारी आनंद ने स्वागत उद्बोधन में कहा- तुलसी साहित्य अकादमी सम्पूर्ण भारत में राष्ट्र भाषा हिन्दी के संवर्धन एवं विकास का अभियान चला रही है। तुलसी साहित्य अकादमी ने 27 राज्यों में अपनी प्रदेश, संभागीय, जिला एवं तहसील स्तर पर इकाइयों का गठन किया है। हर दिन किसी न किसी राज्य, संभाग अथवा जिला में साहित्यिक कार्यक्रम/गोष्ठी आयोजित होतीं रहतीं है।

इस अवसर पर अकादमी द्वारा प्रकाशित स्मारिका का लोकार्पण किया गया था डा.प्रभा मिश्रा पूर्व प्राचार्य साधुवासवानी महाविद्यालय द्वारा रचित ठुमरी विधा पर केंद्रितगीत ‘मेरे साहिबा’ जिसे प्रसिद्ध गायिका सुवर्णा तिवारी ने स्वर दिया है का लोकार्पण किया गया।

उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित  साहित्यिक विमर्श में साहित्यकारों द्वारा हिन्दी साहित्य के समावेशी काल के निर्धारण पर अपने विचार रखे तदुपरांत

डा. प्रभु शंकर शुक्ल, हरदा मध्यप्रदेश को तुलसी शिखर सम्मान तथा डा. नीरू मित्तल,  पंचकूला हरियाणा को रत्नावली शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।

तुलसी सम्मानों की श्रृंखला में 14 चयनित उत्कृष्ट साहित्यकारों को  तुलसी सम्मान एवं 14 विदुषी महिला लेखिकाओं को रत्नावली सम्मानों से अलंकृत किया गया।

श्री महेन्द्र माणिक, पुणें को उस्ताद शंकर लाल पटवा स्मृति तुलसी सम्मान,

श्री निहालचंद्र शिवहरे, झांसी को स्व.श्री श्रीकिशन पटैल स्मृति तुलसी सम्मान, श्री वीरेंद्र कुमार भारद्वाज पटना बिहार को स्व.श्री कन्हैयालाल तिवारी स्मृति तुलसी सम्मान,

श्री जगत शर्मा दतिया को स्व.श्री रमेश तिवारी पत्रकार स्मृति तुलसी सम्मान,

श्री जितेन्द्र कुमार निरंजन, उरई उ.प्र. को स्व.श्री कृष्ण दत्त द्विवेदी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति तुलसी सम्मान,

डा.ओम प्रकाश कायदान हिसार हरियाणा को स्व.देवी प्रसाद वर्मा दिनेश स्मृति तुलसी सम्मान,डा.रुद्रनाथ चौबे,आजमगढ़ उ.प्र. को स्व.श्री जगदीश प्रसाद श्रीवास्तव स्मृति तुलसी सम्मान,

पं.श्री पूरनचंद्र शर्मा दतिया को श्री विनोद बिहारी श्रीवास्तव, स्मृति तुलसी सम्मान, श्री जय भगवान सैनी, हिसार हरियाणा को स्व.कविरंजन सेनगुप्ता स्मृति तुलसी सम्मान के साथ  श्री आशुतोष तिवारी जबलपुर, श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल जबलपुर,

श्री राजेंद्र शर्मा राही भोपाल, श्री कैलाश मेश्राम भोपाल तथा श्री सुरेश पबरा आकाश भोपाल को तुलसी सम्मान -25 से अलंकृतत किया गया।

रत्नावली सम्मानों की कड़ी में  डा.वीणा सिन्हा भोपाल को डा.उपासना सक्सेना स्मृति रत्नावली सम्मान, डा.प्रेमलता यदु रायपुर छत्तीसगढ़ को स्व.श्रीमती जनक दुलारी तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान,

डा.माया सिंह माया, उरई उ.प्र. को स्व.श्रीमती विमला तिवारी स्मृति रत्नावली सम्मान, डा.अरुणिमा सक्सेना प्रतापगढ़ उ.प्र. को स्व.श्रीमती धापूबाई चौहान स्मृति रत्नावली सम्मान,

श्रीमती सुनीता पाहूजा नोएडा उ.प्र.  को स्व.रीता भार्गव स्मृति रत्नावली सम्मान,

डा.बृजलता मिश्रा झांसी उ.प्र. को स्व.श्रीमती नंदा दीवान स्मृति रत्नावली सम्मान के साथ चौधरी आशा निर्मल जैन सिहौरा जबलपुर,

इंद सिंह कंचन जबलपुर, श्रीमती सुमन कायदान  हिसार हरियाणा,

डा.अरुणा पाण्डेय जबलपुर, श्रीमती नमिता सेनगुप्ता भोपाल, सुश्री मृदुल त्यागी भोपाल तथा  श्रीमती अनुराधा गर्ग दीप्ति जबलपुर  को रत्नावली सम्मान 25 से अलंकृत किया गया,

इंजी.अर्चना नायडू,भोपाल को वर्ष 24 का लंबित रत्नावली सम्मान-24 प्रदान किया गया।

अलंकरण सम्मानों के बाद वारी थी मंचस्थ अतिथियों के उद्बोधन की –

विशिष्ट अतिथि  डा.प्रभा मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा विदुषी रचनाकार महिलाओं के लिए रत्नावली सम्मानों का संयोजन करना सराहनीय कार्य है जिससे महिलाओं को साहित्य सृजन में प्रोत्साहन मिलता है।

सारस्वत अतिथि डा.राजेश श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में तुलसी साहित्य अकादमी के साहित्यिक अवदान पर विस्तार सहित प्रकाश डाला। सारस्वत अतिथि

श्री पवन जैन ने अकादमी के साहित्यिक अभियान की सविस्तार सराहना की।

मुख्य अतिथि डा.नरेश कुमार तिवारी कुलगुरु सैम ग्लोबल विश्वविद्यालय भोपाल  ने अकादमी के कार्यों की सविस्तार सराहना करते हुए कहा कि एक अशासकीय साहित्यिक संस्था अपने निजी संसाधनों से इतना उत्कृष्ट कार्य कर रही है, इनके कार्यों की जितनी भी सराहना की जाय कम है।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा.खेमसिंह डहेरिया, सभापति,  निजी विश्व विद्यालय विनियामक अनुदान आयोग मध्यप्रदेश भोपाल ने कहा कि तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा मातृभाषा हिन्दी के विकास एवं संवर्धन के लिए किए जाने वाले प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि इनके प्रयासों से अन्य संस्थाओं को सीख लेनी चाहिए।

कार्यक्रम का सफल संचालन डा. अमित तिवारी  आनंद ने किया तथा आभार प्रदर्शन किया डा.शिवकुमार दीवान ने।

अंत में सामूहिक रात्रिभोज उपरांत कार्यक्रम संपन्न होने की घोषणा की गई।

डा.मोहन तिवारी आनंद
राष्ट्रीय अध्यक्ष
तुलसी साहित्य अकादमी भोपाल
मोबाइल -9827244327

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