भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण और संवर्धन पर चिंतन – मंथन

भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण एवं संवर्द्धन पर गंभीर चिंतन-मंथन, ठोस कार्य-योजना के प्रारूप पर विचार-विमर्श तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में समन्वित पहल किया जाना अत्यंत आवश्यक प्रतीत होता है। भारतीय भाषा मंच की प्राथमिकताओं में भी यह विषय प्रमुख रूप से सम्मिलित है। इस परिप्रेक्ष्य में यह अनुभव किया गया है कि भारतीय भाषाओं के पक्ष में सकारात्मक वातावरण के निर्माण, नीतिगत सुझावों के संकलन, व्यावहारिक कार्य-योजना के निर्माण तथा विविध स्तरों पर क्रियान्वयन योग्य अनुशंसाएँ प्रस्तुत करने हेतु एक सक्षम “भारतीय भाषा विचार समूह (थिंक टैंक)” का गठन किया जाना समीचीन होगा। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, भारतीय भाषा मंच, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और केन्द्रीय हिंदी निदेशालय के संयुक्त तत्त्वाधान में भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण और संवर्धन पर चिंतन-मंथन हेतु भारतीय भाषा विचार समूह(थिंक टैंक) की प्रथम विमर्श बैठक आज दिनांक 17 मई, 2026 को अपराह्न 02:00 बजे उमंग सम्मेलन कक्ष, चतुर्थ तल, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, जनपथ, नई दिल्ली में आयोजित की गई। संगोष्ठी में विभिन्न विषय से संबंधित 3 सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मंच संचालन श्री रवि टेकचंदानी, अध्यक्ष, भारतीय भाषा विभाग, दि.वि.वि. द्वारा किया गया। मंचासीन सभी अतिथिओं का परिचय एवं स्वागत किया के श्री अमित जोशी, कार्यक्रम समन्वयक भारतीय भाषा मंच द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता श्री अतुल कठोरी, सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने की। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम मातृभाषा एवं भारतीय भाषा दो शब्दो को लेकर काम शुरु किया परिणामस्वरूप देश में  भाषा चर्चा का विषय बना और भारतीय भाषा शब्द सार्वजनिक रूप से स्वीकार हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में इसका समावेश हो गया। अपने वक्तव्य के अन्त में उन्होंने आधार पत्र पर लिखित प्रमुख विषयों को उदाहरण सहित संक्षेप में सबके सामने वाचित किया। उन्होंने आग्रह किया कि इस पत्र के आधार पर सभी अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन योजना तैयार करें।

तीनों सत्रों में आयोजित भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण और संवर्धन पर चिंतन-मंथन हेतु भारतीय भाषा विचार समूह(थिंक टैंक) की प्रथम विमर्श बैठक में श्री राम बहादुर राय जी, श्री अतुल कोठारी जी,  श्री अनिल जोशी, प्रो. रविप्रकाश टेक चंदानी एवं डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित लगभग 50 विद्वान वक्ताओं ने अपना विचार, सुझाव और अपनी कार्ययोजना को साझा किया। कार्यक्रम के अन्त में अपने अध्यक्षीय भाषण रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह का कार्य बहुत ही प्रशंसनीय है। उन्होंने आधार पत्र के तृतीय पृष्ठ पर लिखे बिन्दू को ध्यान में लाते हुए कहा कि अपने घर से भारतीय भाषाओं में संवाद करने की आवश्यकता है तथा भारतीय भाषाओं को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है।

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