90वें जन्मदिवस पर ‘मनस्पर्श’ का लोकार्पण: उमा मालवीय के साहित्यिक अवदान का गरिमामय उत्सव

वरिष्ठ कवयित्री व समाजसेवी उमा मालवीय जी की सद्यः प्रकाशित पुस्तक “मनस्पर्श” का उनके 90वें जन्मदिन पर लोकार्पण व चर्चा का भव्य आयोजन गुरुग्राम में हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रतिष्ठित स्वर साधिका मेघना मित्तल के भजनों से हुआ। पुस्तक के लोकार्पण में वरिष्ठ कवयित्री, अध्येता इंदिरा मोहन जी, दूरदर्शन की पूर्व समाचार वाचिका व नाट्य कर्मी रमा पांडे ,कवयित्री, लेखिका एवं समीक्षक व प्रस्तुति खुला मंच की अध्यक्षा अनीता वर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय के व्याख्याता व कस्तूरी संस्था के संचालक विशाल पांडेय ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज की। पुस्तक लोकार्पण के बाद पुस्तक पर चर्चा हुई और फिर प्रारंभ हुआ अभिनंदन कार्यक्रम। इंदिरा मोहन ने उमा मालवीय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रभावी व स्नेहिल व्यक्तित्व की चर्चा की वहीं रमा पांडे ने कहा कि आज हम उनकी पुस्तक की समीक्षा नहीं बल्कि उनके लेखन की चर्चा कर रहे हैं।
अनीता वर्मा ने विस्तार से उनकी लेखकीय यात्रा व कविताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “मनस्पर्श” पुस्तक की कविता “प्रेम“ स्नेहिल संबंधों की कड़ी के रूप में शुरू होती है, उम्र की बात करती हुई बढ़ते कदमों पर चर्चा करती है, वहीं घर कविता समाज में पारिवारिक मूल्यों व सामाजिक सरोकारों की अभिव्यक्ति है। विशाल पांडे ने कहा कि समग्रता में कविता समाज के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करती हैं और सार्थक संदेश देती हैं। कार्यक्रम में पद्मश्री शीला झुनझुनवाला नें उन्हें उनके नब्बे वें जन्मदिन पर बधाई दी और उनके सामाजिक कार्यों की सराहना की। राज अग्रवाल ने महिला मंगल संस्था की तरफ़ से बधाई देते हुए उनके योगदान को सराहा। समाज सेवी व चित्रकार नलिनी भार्गव ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। वरिष्ठ लेखिका व पूर्व प्रोफेसर डॉ. अरूणा गुप्ता ने उन्हें विशेष अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया।
राजस्थान अकादमी की तरफ़ से अकादमी के संचालक गौरव गुप्ता व सुमन माहेश्वरी ने उन्हें सम्मानित किया। कवयित्री सुमन माहेश्वरी ने उन्हें अभिनंदन पत्र भी भेंट किया। कार्यक्रम में लेखिका अनीता वर्मा, हास्य व्यंग्य कवयित्री निशा भार्गव व कवयित्री व कथक नृत्यांगना डॉ. नीलम वर्मा ने प्रस्तुति खुला मंच की तरफ़ से उन्हें सम्मानित किया। अभिव्यक्ति संस्था, महिला मंगल संस्थाओं ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। कार्यक्रम का सशक्त संचालन लेखिका प्रभा जाजू ने किया। पुस्तक का आकर्षण कवर पेज राहुल ललित ( उनके दामाद )ने डिज़ाइन किया और पुस्तक उनकी बेटी टोनियो ने संपादित की। काव्य संग्रह को कवयित्री ने अपनी तीनों बेटियों टोनियो,मीता व गुंजन को समर्पित किया है। पुस्तकों के द्वारा मेज़ों पर गई अद्भुत साज-सज्जा, मंच की दीवार पर पन्नों की सजावट, शानदार वातावरण और उसमें मेघना मित्तल के ग़ज़ल गायन ने आयोजन को भव्य व स्मरणीय बना दिया।
