329वाँ अंतरराष्ट्रीय ‘एक शेर अर्ज़ किया है’ तरही मुशायरा कार्यक्रम संपन्न

‘एक शेर अर्ज़ किया है’ पटल की साप्ताहिक डिजिटल वीडियो गोष्ठी के अंतर्गत 329वाँ “अंतरराष्ट्रीय तरही मुशायरा”1 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संयोजन न्यूयॉर्क, अमेरिका से अशोक सिंह ने किया। ‘एक शेर मुशायरा: आधुनिक संदर्भों में ग़ज़लों की नई अवधारणा और कहन” की इस विशेष काव्य-संध्या में दो तरही मिसरों—‘क़रीब आए तो चेहरे बदल गए कैसे’ और ‘मेरे लबों पर तेरा फ़साना पहले भी था आज भी है’—पर आधारित ग़ज़लों की प्रभावशाली प्रस्तुति हुई।
मुशायरे में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया सहित विभिन्न देशों से कुल 17 शायरों ने सहभागिता की और 30 नई ग़ज़लें प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में रूबी मोहंती, राम प्रकाश यति, प्रज्ञा त्रिवेदी, के.पी. सक्सेना, भावना कुंवर, प्रगीत कुंवर, नीलिमा पांडेय, सुरेंद्र कौशिक, मधु शर्मा, ममता किरण, रेणु हुसैन, वर्षा बोपचे, दिगंबर नसवा, मनोज अबोध, खुर्रम नूर, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी और अशोक सिंह ने अपनी बहुरंगी शायरी से श्रोताओं को भावविभोर किया।
हिंदी और उर्दू तरही ग़ज़लों से सजी इस अंतरराष्ट्रीय महफ़िल में शायरों ने प्रेम, संवेदना, स्मृति और जीवन के विविध रंगों को अपने अशआर में अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत शायरी ने ग़ज़ल की समृद्ध परंपरा को आधुनिक संवेदनाओं से जोड़ते हुए साहित्य और अदब के क्षेत्र में एक विशिष्ट वातावरण निर्मित किया। लगभग 2 घंटे 35 मिनट तक चले इस मुशायरे ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के साथ शायरी-प्रेमियों को लंबे समय तक याद रहने वाली साहित्यिक अनुभूति प्रदान की।
