ब्रिटेन से आए हिंदी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने किया संसद भवन का भ्रमण

स्थान : संसद भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली–110001
दिनांक : 24 अगस्त 2026
वैश्विक हिंदी परिवार के अध्यक्ष अनिल शर्मा जोशी के मार्गदर्शन में 24 अगस्त 2026 को ब्रिटेन से आए हिंदी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख केंद्र संसद भवन, नई दिल्ली के शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र, संसदीय परंपरा, लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली तथा संसद भवन की स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संसद भवन की ऐतिहासिक, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि संसद परिसर में विभिन्न कार्यालयों, समिति कक्षों, पुस्तकालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था है। नई संसद भवन की त्रिकोणीय स्थापत्य शैली भारतीय कला, संस्कृति, स्थापत्य परंपरा और देश की विविधता को अभिव्यक्त करती है। लोकसभा कक्ष, राज्यसभा कक्ष, केंद्रीय लाउंज तथा संविधान सभागार संसद भवन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
विद्यार्थियों को लोकसभा की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह संसद का निचला सदन है और इसे सामान्यतः ‘जनता का सदन’ कहा जाता है, क्योंकि इसके सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल, विधेयकों पर चर्चा, बजट पर विचार तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर बहस जैसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्य किए जाते हैं।
इसी क्रम में राज्यसभा के संबंध में भी विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, जिसे ‘राज्यों की परिषद’ कहा जाता है। यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधित्व के माध्यम से भारतीय संघीय व्यवस्था को सुदृढ़ करता है तथा राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श और नीतिगत चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है।
भ्रमण के दौरान ब्रिटेन से आए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भारतीय संसदीय लोकतंत्र के संबंध में अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे। उन्होंने लोकसभा एवं राज्यसभा के गठन, सदस्यों के निर्वाचन, दोनों सदनों की भूमिका, प्रश्नकाल, विधेयक बनने की प्रक्रिया तथा संसद भवन की स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उनके प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देकर भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाने का प्रयास किया गया।
संसद भवन का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से समझने का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने संसद भवन की भव्यता, भारतीय संस्कृति की अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को देखकर विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा व्यक्त की। इस अवसर ने भारत और ब्रिटेन के बीच हिंदी भाषा एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संवाद को भी सुदृढ़ किया।
भ्रमण कार्यक्रम में सुरेखा चौफला, अध्यक्ष, यूके समिति; प्रो. हरीश पोपटानी; अंजना उप्पल; आरुष उप्पल; आया उप्पल; हेमन्या; ताबिश; पार्थ; अक्षज; स्वास्तिक; इरा; सिमरन; ऋषि कुमार शर्मा, अध्यक्ष, वैश्विक हिंदी परिवार, दिल्ली इकाई; मनोज कुमार श्रीवास्तव ‘अनाम’, संपादक तथा अजय शर्मा उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : अजय शर्मा
