युगल जोशी द्वारा रचित कृति ‘कहो कालिदास!’ का लोकार्पण एवं पुस्तक परिचर्चा

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र सभागार में युगल जोशी की पुस्तक “कहो कालिदास” के लोकार्पण अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि “कालिदास की रचनाओं में स्त्री केवल सौंदर्य का विषय नहीं है”—उनके स्त्री पात्र चेतना, गरिमा और प्रेम के विविध आयामों को अभिव्यक्त करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राम बहादुर राय (अध्यक्ष, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र) ने की। डॉ. जोराम आनिया (सदस्य, नीति आयोग) ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए इसे कालिदास के जीवन और साहित्य का एक नया पुनर्पाठ बताया। प्रो. के अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, कलानिधि संविभाग) ने मंचस्थ अतिथियों का परिचय कराते हुए स्वागत उद्बोधन रखा।
लेखक युगल जोशी ने कालिदास की सर्वदेशीय सांस्कृतिक उपस्थिति को रेखांकित करते हुए कहा—कालिदास किसी एक क्षेत्र के नहीं, पूरे भारत के हैं।
‘कहो कालिदास!’—महाकवि के मौन इतिहास से संवाद करती, उनकी रचनाओं के भावलोक में उतरने वाली एक रचनात्मक यात्रा।
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