“स्मृतियों में मम्मी” पर भावपूर्ण एवं गरिमामयी परिचर्चा सम्पन्न

KDP ग्रैंड सवाना ,राज नगर एक्सटेंशन के सभागार में शुभम अवस्थी और इला अवस्थी द्वारा सम्पादित “यशकाय शेष डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व की स्मृतियों एवं रचनाओं के संकलन ‘स्मृतियों में मम्मी’” पुस्तक पर एक गरिमामयी एवं भावनात्मक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार प्रज्ञान पुरुष श्री सुरेश नीरव रहे, जबकि अध्यक्षता आचार्य ओम प्रकाश शुक्ल ‘अज्ञात’ (सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार) ने की। मंचासीन अतिथियों में श्री ऋषि कुमार शर्मा (पूर्व उपसचिव, हिंदी अकादमी, नई दिल्ली), डॉ. राजीव श्रीवास्तव (सिने इतिहासविद), श्रीमती मीरा शलभ (वरिष्ठ साहित्यकार) एवं डॉ. शुभा द्विवेदी (विभागाध्यक्ष, IIMT विश्वविद्यालय, मेरठ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कैप्टन गोपाल सिंह ने प्रभावी ढंग से किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत कु. अपर्णा झा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक एवं सरस बना दिया। अतिथियों का परिचय शुभम् अवस्थी द्वारा दिया गया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन मालविका अवस्थी ने किया।
मुख्य अतिथि श्री सुरेश नीरव ने पुस्तक की अत्यंत सारगर्भित समीक्षा प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसके विभिन्न आयामों का विश्लेषण किया और पूरे परिवार को बधाई दी। अध्यक्ष आचार्य ओम प्रकाश शुक्ल ‘अज्ञात’ ने अपने उद्बोधन में डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके गुणों का गहन विश्लेषण किया तथा श्रोताओं की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता का श्रेय उन्हें दिया।
श्री ऋषि कुमार शर्मा ने लेखिका की कहानियों एवं उपन्यास शैली का विश्लेषण प्रस्तुत किया, वहीं डॉ. शुभा द्विवेदी ने अपने अनुभव साझा कर कार्यक्रम को और अधिक आत्मीय बना दिया। विशेष वक्ताओं में डॉ. उपासना दीक्षित, डॉ. अमलेश पांडे एवं श्रीमती रागिनी गोयल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब पारिवारिक सदस्यों—स्वरा दुबे, सागरिका अवस्थी, इला एवं मधुलिका शर्मा—ने अपने हृदयस्पर्शी वक्तव्य प्रस्तुत किए, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर प्रमुख साप्ताहिक के संपादक श्री सत्यम कुशवाह ने अपने समाचार पत्र का विशेष परिशिष्ट अतिथियों को भेंट किया।
खचाखच भरे सभागार में श्री अरुणेश शर्मा, गगनदीप शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, अनय पाठक, कपिल गुप्ता, विकास गंगल, अभिनंदन शर्मा, विकास भगत, कौशल गोयल, राजेश सिंह, रेनू शर्मा, खुशबू, ज्योति सिंह, वेरोनिका शर्मा, मिनी वर्मा, राजकुमार त्यागी, प्रवीण झा, पुष्पा रावत, आशीष मिश्रा, मीनाक्षी शर्मा सहित अनेक गणमान्य जन सपरिवार उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल एक पुस्तक पर परिचर्चा रहा, बल्कि स्मृतियों, संवेदनाओं और साहित्यिक विरासत को सहेजने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।
रिपोर्ट – शुभम अवस्थी
