नवल वर्ष की धवल चाँदनी
(नव वर्ष का संदेश)
नवल वर्ष की धवल चाँदनी जीवन में परिमल लाए
मानव के उज्जवल भविष्य का मंगलगान सुनाए l
सुख, सम्पदा, शान्ति का हम सुन्दर दीप जलाएँ
भूख, क्लेश और भय से हम सबको मुक्ति दिलाएँ l
विश्वप्रेम का अनुपम सपना देखें और दिखाएँ
देशप्रेम का ऊँचा झंडा मिलकर हम लहराएँ l
वातावरण सुरक्षित रखें, हरियाली का पाठ पढ़ाएँ
गाँव-गाँव और शहर-शहर, स्वच्छता अभियान चलाएँ l
मन्दिर, मस्जिद, गिरिजाघर का भेदभाव भूल जाएँ
धर्मों की समरसता का सन्देश सदा फैलाएँ l
आतंकवाद का जहर मिटाकर सामाजिक बन्धुत्व बढ़ाएँ
नये वर्ष की नवल रोशनी घर-घर में फैलाएँ l
नैतिकता का पाठ हम पढ़ाएँ, जीवन में अपनाएँ
भ्रष्टाचार मिटाने में अपना सहयोग बढ़ाएँ l
धन-दौलत का मोह व्यर्थ, जब जीवन ही क्षणभंगुर है
अन्तर्मन की संतुष्टि ही, अमृत फल की दात्री है l
पुनर्जन्म किसने देखा है, वह तो एक कहानी है
सब इसी जन्म की लीला है, मिलकर हमें निभाना है l
आओ मित्रों, नया वर्ष का मिलकर जश्न मनाएँ
प्रेमभाव से हाथ मिलाकर नयी उमंग दिखाएँ l
कवि :— डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव
