Category: प्रवासी रचनाकार

অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा)

অধিকার – प्रीति अग्रवाल : अधिकार – आशा बर्मन : अनुवाद (लघुकथा) अधिकार रश्मि अपनी दो बरस की बिटिया को अपने से चिपका कर, नजरें झुकाए, ऐसे सिमट कर बैठी…

भावना ( कविता ) : डॉक्टर शिवनंदन यादव

भावना ( कविता ) : डॉक्टर शिवनंदन यादव मैंने पूछा कि भावना क्या है?कौन-सा रूप, धारणा क्या है?भावना दुलार, नेह, ममता है,मीरा का गीत, सूर-कविता है; भावना मिलन-सांझ, सरस प्रेम-पाती…

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन 

कविता अनुवाद : “टू माय डॉटर “- कवि: हेइके एन. सिम्स : “मेरी बेटी के लिए”- आशा बर्मन मेरी बेटी के लिए मेरी बेटी ,तेरी ओर देखती हूँ,और स्वयं से…

बूढ़ी यादें ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना

बूढ़ी यादें ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना याद आ रही तेरी बेटादिन में ही अँधियारा छायाआँखें अब कमज़ोर हो गईं,सही लग रहा मैला-मैला॥ तू अपने घर उलझा है,पर…

पिछली रोटी ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना

पिछली रोटी ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना उसने कभी नहीं दीपिछली रोटीअपने पति और बच्चों को,….ख़ुद ली…!! जब भूलने लगी अपना होना,तो याद आयामाँ ने भी नहीं दी…

दो लड़कियाँ ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना

दो लड़कियाँ ( कविता ) : डॉ. शैलजा सक्सेना दो –दो लड़कियाँ रहती हैं मेरे भीतर!एक वो, जो पैदा हुई थीगली के कोने वाले घर में जहाँ सौर के बाहर…

प्रकृति, संवेदना और मानवता का काव्यात्मक घोष – ”धरती ने भिजवाई पाती“ : समीक्षक – डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे

प्रकृति, संवेदना और मानवता का काव्यात्मक घोष – ”धरती ने भिजवाई पाती“ : समीक्षा साहित्य जब केवल शब्दों का विन्यास न रहकर संवेदना का सजीव स्वर बन जाता है, तब…

“धरती ने भिजवाई पाती” : संगीता चौबे ‘पंखुड़ी’

“धरती ने भिजवाई पाती” : ( कविता ) धरती ने भिजवाई पातीजिसमें पीड़ा और उदासीझर झर उसके आँसू बहतेतेज गति से तरु जब कटते…. सुनो मनुज! अब मेरी गाथाकब तक…

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

सरकारी तख्ता (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन क्या आप जानते हैं कि सरकार का तख्ता कैसे उलटा जाता है? संभव है, आप कभी इस प्रकार का कार्य संपन्न करने के…

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन

रिश्वतखोर लिमिटेड (तुर्की व्यंग्य) : अजीज नेसिन जिस विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत खाने की बीमारी लग जाए तो वे उससे कभी मुक्त नहीं होना चाहते हैं। और उसके राह…

 (कविता-अनुवाद) : “लेटर टू मदर”- “माँ को पत्र”-  प्रीति अग्रवाल

“लेटर टू मदर”- सर्गेई येसेनिन : “माँ को पत्र”- प्रीति अग्रवाल : (कविता-अनुवाद) माँ को पत्र क्या तुम अभी जीवित हो, मेरी प्यारी बूढी माँ? मैं भी जीवित हूँ। तुम्हें…

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी

अंत भला तो सब भला ( कहानी अनुवाद ) : रेखा राजवंशी जब किराए की कार झाँसी स्टेशन के बाहर आकर रुकी, प्रिया का भाई अनिल ड्राइवर के पास वाली…

साइकिल – स्वास्थ्य और खुशी का साथी : सांद्रा लुटावन (कविता)

साइकिल – स्वास्थ्य और खुशी का साथी : सांद्रा लुटावन (कविता) सुबह की पहली किरण जब धरती पर मुस्काती है,हल्की ठंडी हवा भी मन को छू जाती है।सड़क किनारे खड़ी…

सूर्य की तलाश ( कहानी ) – रेखा राजवंशी

सूर्य की तलाश ( कहानी ) – रेखा राजवंशी विश्वास नहीं होता कि वह दुनिया से चल बसी। गोरी-चिट्टी, तीखे नाक-नक्श, हमेशा करीने से कटे हुए बॉबकट बाल। उसे देखो…

बिना धड़ की भूतनी ( कहानी ) : रेखा राजवंशी

बिना धड़ की भूतनी ( कहानी ) : रेखा राजवंशी पिछले दस साल से मेरा एक ही मकसद था, आते जाते लोगों को तंग करना। रात को और गर्मियों की…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड)

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : मेरी माँ का साहस (द करेज दैट माय मदर हैड) The courage that my mother hadEdna St. Vincent Millay (1892-1950) The courage…

अनुवाद ( कविता ) – दिव्या माथुर : माँ के लिए ( टू माइ मदर )

माँ के लिए (टू माइ मदर) : अनुवाद (कविता) To My MotherEdgar Allan Poe (1809–1849) Because I feel that, in the Heavens above,The angels, whispering to one another,Can find, among…

 गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना

गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना आज दुनिया की इतनी सारी माता के बारे में सुनकर मन भावुक रहा है लिखने में तो मन बहुत ही छोटा शब्द…

ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड की जादुई लोक कथाएँ: संस्कृति और कल्पना और यथार्थ का सुन्दर संगम : समीक्षक – रेखा राजवंशी

ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड की जादुई लोक कथाएँ: संस्कृति और कल्पना और यथार्थ का सुन्दर संगम : समीक्षक – रेखा राजवंशी मुझे 1988 में ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड जाने का…

श्राउड ऑफ टूरिन का रहस्य

आस्था, इतिहास और विज्ञान के बीच एक जटिल संवाद मनीष पाण्डेय ‘मनु’, नीदरलैंड्स दुनिया के सभी धर्मों, समुदाओं और भौगोलिक क्षेत्रों के इतिहास में कुछ ना कुछ ऐसी वस्तुएँ हैं…

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