Category: कौशल किशोर श्रीवास्तव

हम मिलें आमने-सामने (कविता)

हम मिलें आमने-सामने (कविता) (बृद्धावस्था, सामयिक चिंतन) खुशी की खोज में मैं करवटें बदलता हूँमैं कोई संगीतकार या कवि नहीं हूँऔर नहीं हूँ शब्दों का जाल बिछाता लेखकजो बनाते हैं…

प्रभु का ध्यान (कविता)

प्रभु का ध्यान (कविता) (आत्मिक चिंतन, अधूरे प्रश्न) प्रभु, मैं कैसे ध्यान करूँ?अपने मन के भावों को कैसे तुम्हें बताऊँश्रद्धा भक्ति के गीतों को कैसे तुम्हें सुनाऊँ व्याथापूर्ण वाणी को…

राही एक सड़क पर (कविता)

राही एक सड़क पर (कविता) (प्रवासी जीवन, भावनात्मक संघर्ष) विजय पताका लेकर भागा, दुनिया की इस दौड़ मेंकालचक्र की सुधि नहीं थी, यौवन के इस खेल में lसुख-दुःख का बन्धन…

नवल वर्ष की धवल चाँदनी

नवल वर्ष की धवल चाँदनी (नव वर्ष का संदेश) नवल वर्ष की धवल चाँदनी जीवन में परिमल लाएमानव के उज्जवल भविष्य का मंगलगान सुनाए l सुख, सम्पदा, शान्ति का हम…

सत्य और असत्य की मुलाक़ात

सत्य और असत्य की मुलाक़ात (संदर्भ : काल्पनिक, चिन्तनशील, परिहास) कहावत है पाप और पुण्य एक ही सिक्के के दो पार्श्व हैं अर्थात् एक के बिना दूसरे का अस्तित्व नहीं…

सनातन की लहरें

सनातन की लहरें (संदर्भ : सामयिक चर्चा, चुनावी माहौल, परिहास)वर्ष 2024, तिथि 22 जनवरी l अयोध्या में नवनिर्मित भव्य मंदिर में प्रभु राम की प्राण-प्रतिष्ठा l उनकी प्रतिमा के दर्शनार्थ…

रामू की बेटी

रामू की बेटी (विधा : लघुकथा, काल्पनिक पात्र, समकालीन संदर्भ) मिथिला प्रदेश बिहार का एक गाँव, शहर से दूर, ग्रामीण संस्कृति का पोषक, मुख्यतः कृषक समाज l बढ़ती आबादी और…

किसने लिखी थी प्रथम कविता?(काल्पनिक चिंतन, सांस्कृतिक उद्भव)

किसने लिखी थी प्रथम कविता?(काल्पनिक चिंतन, सांस्कृतिक उद्भव) कौन थी वह प्रथम बालाजिसने लिखी थी प्रथम कवितासौग़ात में जिसने दिया थाप्रेम प्रणय और भावुकता? कौन थी वह सरस कामिनीचंद्रमा की…

अहंकार की माया  – (कविता)

अहंकार की माया (दार्शनिक सन्दर्भ) मैंने सुना हैनश्वर शरीर बना है पंचमहाभूतों सेसभी हैं शाश्वत और सात्त्विकजो हैं मानव सृष्टि के आधारभूत तत्त्व,आत्मा भी है ईश्वर का एक अंशअखंड, अनश्वर,…

प्रेम-दिवस का जश्न  – (कविता)

प्रेम-दिवस का जश्न (श्रृंगार रस) प्रेम-दिवस की मधुशाला में तेरी आज प्रतीक्षा हैतेरे ओंठो की मदिरा से प्यास बुझाना बाकी है l तेरे नयनों के आकर्षण में मदहोशी का आलम…

बोल रहे हैं वृक्ष आज  – (कविता)

बोल रहे हैं वृक्ष आज (जलवायु परिवर्तन) वृक्ष बोलते वृक्षों से कहते एक कहानीहरे-भरे उद्यानों में, विस्तृत वन्य प्रदेशों मेंउनकी वाणी फैल रही है दुनिया के आँचल मेंमानव जाति नहीं…

 मेरा गाँव, मेरी परछाई  – (कविता)

मेरा गाँव, मेरी परछाई (ग्रामीण जीवन) यह था वसन्त ऋतु का आगमनप्रकृति का स्वागतम, जीवन का स्पंदन l मुझे भी था इसका इंतज़ारताकि कर सकूँ रगों में नयी ऊर्जा का…

बाला की अभिलाषा – (कविता)

बाला की अभिलाषा (युग परिवर्तन की नारी) ग्रामीण कुटिया में बैठी बाला ध्यानमग्न है पुस्तक मेंसंवाद सुनती रेडियो पर ‘मोदी’ की चर्चा चालू हैकभी किताब, कभी रेडियो, दोनों के प्रति…

समय की आवाज – (कविता)

समय की आवाज (आतंकवाद का शाप) बंदूकों से निकले धर्म, ग्रंथ हुए बेकारमानवता घायल हुई, पीड़ा का संचार l धमाका हुआ विस्फोट का, हिल गया संसारअंधकार छाया गगन में, धरा…

मन का विषाद  – (कविता)

मन का विषाद (विदेशी जीवन की एक झलक) दक्षिण ध्रुव का निकट पड़ोसी, कंगारू का देशसौम्य, सुशोभित, दृश्य मनोरम, उत्तम है परिवेश lहलवा पूड़ी भूल गया, खाते हैं बर्गर पिज़्ज़ापत्नी…

क्या आप कवि हैं? – (कविता)

क्या आप कवि हैं? (व्यंग्य, परिहास) मैंने पढी है एक कविता :“वह दरवाजे से आयी, खिड़की से निकल गयीबालों की सुगंध छोड़ती गयीमेरी नासिका है व्यस्त, मस्तिष्क हुआ रिक्तदिल में…

वैश्विक भगवान की खोज -(कविता)

वैश्विक भगवान की खोज नया ज़माना, नयी संस्कृति, नूतन है परिवेशवैश्वीकरण के आँचल में पलता है देश- विदेश l दुनिया के इस वैश्वीकरण में गाऊँ किसका गानप्रभु प्रार्थना भी है…

कहाँ है मेरी पहचान? – (कविता)

कहाँ है मेरी पहचान? (भारत की गौरवगाथा) सात समंदर पार से मैं आया कंगारू के देश मेंकुछ यादें, कुछ सपने, कुछ पुस्तक, कुछ तस्वीर लिएजीवन की इस भागदौड़ में एक…

संवेदनशील मनोवृत्ति – (कहानी)

संवेदनशील मनोवृत्ति कौशल किशोर श्रीवास्तव मेलबर्न महानगर का एक चर्चित उच्च विद्यालय। आठवें वर्ष की कक्षा में प्रवीण विद्यार्थियों का समूह, तेरह-चौदह वर्ष के हमउम्र लड़के और लड़कियों की संख्या…

दस्तक – (कहानी)

दस्तक कौशल किशोर श्रीवास्तव मेलबर्न शहर, वर्ष 2020 का उत्तरार्ध, कोरोना वायरस महामारी का वैश्विक प्रकोप, मृत्यु की काली छाया, लोगों में दहशत, सर्वत्र लॉकडाउन, घर से पाँच किलोमीटर से…

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