
मौना कौशिक, बुल्गारिया
दिनांक: 25 सितंबर | समय: शाम 6:30 बजे | स्थान: सोफिया, बुल्गारिया
भारतीय दूतावास की प्रमुख श्रीमती सोनी दहिया की उपस्थिति में इवान कोमिता द्वारा लिखित रोमांचक जासूसी उपन्यास “अहिंसा” का भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ। पुस्तक आवरण पर भगवा कपड़ों में एक साधु का चित्र और सिरिलिक लिपि में लिखा अहिंसा” भारत की आध्यात्मिक संपदा के प्रभाव को दिखा रहा था . श्रीमती सोनी दहिया ने लेखक इवान कोमित को बधाई देते हुए कहा कि “उनका यह उपन्यास भारतीय मूल्यों को घर घर तक पहुंचाएगा। यह उपन्यास शीघ्र ही अंग्रेजी भाषा में भी उपलब्ध होगा -ऐसी आशा है।“ गंगा, हिमालय और भारतीय आश्रमों तक पहुंचाने का श्रेय इवान कोमिता ने अपनी योग शिक्षिका वेरा जाखारिएवा को दिया । इवान कोमिता एक बहुप्रतिभाशाली लेखक हैं, जिनकी रचनात्मकता और अनुभव उनके लेखन में स्पष्ट रूप से झलकते हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा टेक्निकल यूनिवर्सिटी – सोफिया से पूरी की। वे प्रसिद्ध बल्गेरियाई क्रांतिकारी इवान हसुम्स्की के पड़पोते हैं। उन्होंने जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को इटली बिताया, और वहाँ की संस्कृति ने उनके व्यक्तित्व और लेखन दोनों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। जीवन के कुछ विशिष्ट क्षणों ने उन्हें योग और कराटे की ओर मोड़ दिया।
वेरा जाखारिएवा, बुल्गारिया योग फेडरेशन की अध्यक्ष भी हैं, ने कहा – योग से अनुशासन,आत्मसंबल मिलता है, जो इवान के जीवन का हिस्सा बन चुका है। इंडोलोजी विभाग से डॉ बुरयाना कामोवा, डॉ मौना कौशिक तथा पूर्वी -पश्चिम प्रतिष्ठान से श्रीमती बोयानोवा के अलावा अन्य गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मसाला चाय के विशेष स्वाद ने इस शाम को और भी रोचक बना दिया।
इस उपन्यास के नायक जॉन हसुम्स्की – एक अमेरिकी-बुल्गारियाई सीआईए एजेंट – जिसे एक आतंकवादी साजिश की जांच के लिए सोफिया से लेकर इस्तांबुल, नई दिल्ली और हिमालय तक के मिशन पर भेजा जाता है। यह उपन्यास लेखक के व्यक्तिगत अनुभव – योग, कराटे और साहित्य – से प्रेरित है। हिमालय की ऊंचाइयों और गंगा की पवित्रता के माध्यम से, यह कहानी साहस, आध्यात्मिकता और वैश्विक एकता का संदेश देती है। यह उपन्यास बुल्गारियाई भाषा में है।
