वैश्विक हिंदी परिवार और दिल्ली९९ सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सरस काव्य सम्मेलन’

वैश्विक हिंदी परिवार और दिल्ली९९ सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर पूर्वी दिल्ली शाखा ने दिल्ली९९ सोसाइटी के क्लब हाउस (गाज़ियाबाद) में सरस काव्य सम्मेलन में का आयोजन किया। जिसमें कार्यकम का आरम्भ मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित जन समुदाय को सोसायटी एवं वैश्विक हिंदी परिवार के कार्य विस्तार का विनयशील चतुर्वेदी, मानद निदेशक वैश्विक हिंदी परिवार ने परिचय कराया। नित्यांशी एवं काव्यांशी की सुमधुर सरस्वती वंदना के साथ काव्य पाठ का आरंभ हुआ। जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली साहित्य देश के अनेक हिस्से से पधारे 30 से अधिक कवि/कवयित्री ने काव्य पाठ किया। जो कि वैश्विक हिंदी परिवार की लोकप्रियता एवं उसके कर्मठ पदाधिकारियों की कार्यशीलता का परिचायक है। यह आयोजन सुखद होने के साथ हमारे लिए आत्मीयता से पूर्ण स्नेहिल उपहार है। सभी के जादुई शब्दों ने बहुविधि रंग बिखेरा। ओज, हास्य, मधुर के साथ सामयिक विषय की प्रस्तुति ने सभी श्रोताओं का मन मोहा। कुछ लोग पहली बार आए, कुछ दूसरी बार। आदरणीय पथिक जी तीसरी बार आए, तीनों बार अलग भूमिका में। डॉ० राजेश श्रीवास्तव के गीतों की मिठास और डॉ० उषा श्रीवास्तव का मधुर कंठ, मुख्य अतिथि आदरणीय सत्यवान यादव का राष्ट्रीयता से ओत प्रोत स्वर, आदरणीय राजेंद्र राज निगम और इंदु राज निगम की नोक झोंक, मीनाक्षी यादव का हास्य और डॉ० संतोष सम्प्रीति जी की लय, बृजेश तरुवर के काव्य रस की सुमधुर सुगंध, मनोज अबोध जी की विशिष्ट शैली, यश शर्मा की ताज़गी, नागेन्द्र शिशोदिया की कहन, सौरभ मिश्रा जी सरलता, दिवाकर चौबे का मधुमास और अरुण कुमार का विप्रलंभ, रेणुका आर्या का संगीत और कामना मिश्रा जी अल्प में समग्र, बी एस भारद्वाज की तान, जी एस पचौरी का गान, नीता त्रिपाठी का चैन, सर्वेश रस्तोगी रस्तोगी के फैन, डॉ० नित्यानंद शुक्ल की भोजपुरी मिठास, अपर्णा भटनागर की स्नेहिल आस, अनिल राज की शक्ति और प्रणय प्रसून की अनुरक्ति, मनोज कामदेव के दोहे, इंदु मिश्रा किरण गीत ऐसे मन मोहे, कि नरेश मलिक के अश’आर और सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे विनयशील चतुर्वेदी जी का प्यार हम सब पर इसी तरह बरसता रहे। इस अवसर पर साहित्यिक मौलिकता के मुखपत्र के रूप में अपनी पहचान रखने वाली पत्रिका “साहित्य सप्तक” के जनवरी अंक का लोकार्पण और और वैश्विक हिंदी परिवार द्वारा आयोजित तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन 2026 में प्रतिभागी साहित्यकारों एवं कलाकारों को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया। वैश्विक हिंदी परिवार की वैश्विक पहचान के साथ क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित गतिविधि सराहनीय है। जिससे भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति के प्रसार को बल मिलता है। और अंत में मांगेराम जी की कविता के प्रति प्रेममय भक्ति, जिन्होंने बिना आग्रह के पूर्ण मनोयोग से स्मृति को संजोने में सहयोग किया। यह सब अविस्मरणीय और आनन्दानुभूति का पर्याय हुआ। आप सभी से मिलना और आपको सुनना निश्चित ही सुखद और प्रेरणास्पद रहा। कार्यकम का सफ़ल संचालन मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ ने एवं अशोक कुमार मिश्रा (वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय) के आगत सभी वक्ता, श्रोता एवं कवि समाज के प्रति आभार ज्ञापित किया।

-रिपोर्ट – मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’

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