कला प्रदर्शनी का उद्घाटन (रिपोर्ट)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित तृतीय अंतर्राष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन का भव्य और गरिमामय आयोजन 9 जनवरी से 11 जनवरी तक अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन में इस बार चित्रकला को भी विशेष रूप से सम्मिलित किया गया जिसमें 12 शीर्ष भारतीय चित्रकारों की चित्रकला प्रदर्शनी के संयोजन का दायित्व वरिष्ठ चित्रकार एवं कवि श्री हर्षवर्धन आर्य को सौंपा गया ।
सम्मेलन एवं चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह 9 जनवरी को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति माननीय श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी को वरिष्ठ चित्रकार श्री हर्षवर्धन आर्य जी द्वारा कलात्मक रेखाचित्र भेंट करने का सुअवसर प्राप्त होना अत्यंत सम्मान और गर्व का क्षण था ।
चित्रकला प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी के करमलों द्वारा संपन्न हुआ , महासचिव, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद श्री श्याम परांडे तथा वैश्विक हिन्दी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी जी की गरिमामयी उपस्थित ने प्रतिभागी चित्रकारों के उत्साह को बढ़ाया। सभी वक्ताओं के प्रभावशाली, विचारोत्तेजक और प्रेरणादायक भाषणों ने उद्घाटन समारोह को अविस्मरणीय बना दिया। डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी सहित सभी अतिथियों ने सभी कलाकृतियों का बारीकी से अवलोकन किया और चित्रकारों से संवाद कर उनके मनोभावों की प्रशंसा की इस अवसर पर उपस्थित चित्रकारों श्री हर्षवर्धन आर्य , डॉ. नलिनी भार्गव ,श्रीमती वंदना दुबे ,श्री रूपचंद ,सुश्री हिमांशी आर्या , श्री सुरेश कुमार ,डाॅ. रामबली प्रजापति आदि चित्रकारों ने अपने कलात्मक चित्रों में समाहित मनोभावों का उल्लेख किया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. निशंक जी ने अपने उद्बोधन में समाज के प्रति चित्रकारों के योगदान और महत्व का उल्लेख किया , वैश्विक हिन्दी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी जी ने अपने उद्बोधन में आगामी अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलनों में कलाओं की भागीदारी को और व्यापक रूप से सम्मिलित करने की योजना पर विचार करने की बात कही। देश विदेश से पधारे हिंदी विद्वानों ,साहित्यकारों , भाषाविदों के लिए ये कलात्मक चित्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे जहां उन्होंने न केवल इन कला चित्रों में रुचि दिखाई अपितु चित्रकारों से संवाद भी किया और उनके साथ छायाचित्र लिए । सम्मेलन में उपस्थित छात्रों और शोधार्थियों के लिए यह चित्र कला प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही । सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि माननीय श्री ओम बिड़ला जी (लोकसभा अध्यक्ष) एवं माननीय श्री विजेंद्र गुप्ता जी (अध्यक्ष, दिल्ली विधानसभा) ने समापन सत्र को संबोधित किया तथा चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया । श्री बिड़ला जी ने कलाचित्रों में भारतीय लोक जीवन एवं परंपराओं के चित्रण की सराहना की और सभी चित्रकारों। को इस उत्कृष्ट प्रदर्शनी की बधाई दी । यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं, कला एवं संस्कृति के समन्वय का एक प्रेरणादायी मंच सिद्ध हुआ।
रिपोर्ट प्रस्तुति – हर्षवर्धन आर्य
