एस. एन. डी. टी. पुणे द्वारा प्रस्तुत ‘संस्कृता’ : एक कला आविष्कार

भारतरत्न महर्षि धोंडो केशव कर्वे द्वारा स्थापित एस. एन. डी. टी. महिला विश्वविद्यालय अपनी शताब्दीउत्तर यात्रा में है। आपने स्त्री शिक्षा का बीजारोपण अनेक ज्ञान शाखाओं में विस्तारित किया जो एक सशक्त वटवृक्ष के रूप में आज भी खड़ा है। एस एन डी टी कला और वाणिज्य महिला महाविद्यालय, पुणे महर्षि जी द्वारा स्थापित पहला महाविद्यालय है। महर्षि जी के आदर्शों की हिफाजत करते हुए, आज के समय की चुनौतियों को स्वीकारते हुए यह महाविद्यालय अखंड कार्यरत है।

इस महाविद्यालय की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कला और वाणिज्य के साथ-साथ ललित कलाओं की शिक्षा भी यहां दी जाती है। संगीत विभाग और दृश्य कला विभाग की समृद्ध परंपरा का लाभ सभी ज्ञान शाखाओं की छात्राओं को मिल रहा है। महाविद्यालय के चित्रकला और संगीत विभाग महिलाओं की स्वाभाविक कलाओं को अधिक सकारात्मकता से प्रस्तुत करने का प्रयास हमेशा से कर रहें हैं। इस दृष्टि से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

महाविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा “संस्कृता : नांदी ते भैरवी एक सुरेल प्रवास” नामक गायन कार्यक्रम 20 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम पर आधारित चित्रकला विभाग की चतुर्थ वर्ष की छात्राओं ने अपने चित्रों की प्रदर्शनी लगाई। इस गायन और चित्र प्रदर्शनी के आयोजन से महिलाओं को अपनी कलाओं का विकास करने का एक उत्तम अवसर मिला। महर्षि कर्वे जी की संस्कृताओं को अपने उज्ज्वल भविष्य में पहला कदम आगे बढ़ाने का यह एक सफल प्रयास सिद्ध हुआ।

– सुप्रिया शेरे (सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, एस.एन.डी.टी. कला और वाणिज्य महिला महाविद्यालय, पुणे)

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