लेखिका रजीश गोयल की पुस्तक ‘बातें चांद की’ लोकार्पित

देवप्रभा प्रकाशन की ओर से आयोजित लोकार्पण समारोह एवं कवि गोष्ठी में लेखिका रजनीश गोयल के बहुप्रतीक्षित काव्य संग्रह ‘बातें चांद की’ का लोकार्पण शालीमार गार्डन स्थित ट्रू मीडिया चैनल स्टूडियो में किया गया। जिसमें साहित्य, संवेदना और सृजन का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध दोहाकार मनोज कामदेव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में ख्यातिप्राप्त कवयित्री मधु मधुबाला लबाना की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। वहीं अति विशिष्ट अतिथियों में ट्रू मीडिया के संपादक ओमप्रकाश प्रजापति तथा जाने-माने ग़ज़लकार जगदीश मीणा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात काव्य संग्रह ‘बातें चांद की’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने इस कृति की भावनात्मक गहराई, भाषा की सहजता और विषयों की विविधता की सराहना करते हुए इसे समकालीन हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया। इस अवसर पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से आए लगभग 35 से अधिक कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का सजीव पाठ किया। प्रेम, विरह, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं और समकालीन मुद्दों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज और सराहना ने माहौल को जीवंत बनाए रखा। लेखिका श्रीमती रजनीश गोयल ने सभी अतिथियों, कवि-कवयित्रियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं मोतियों की माला भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिसने सभी उपस्थित साहित्यकारों को गौरव का अनुभव कराया। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन कवि, पत्रकार एवं प्रकाशक चेतन आनंद ने किया, जिन्होंने अपने सहज एवं आकर्षक अंदाज से पूरे आयोजन को एक सूत्र में बांधे रखा। समापन में सभी अतिथियों ने इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हिंदी साहित्य और काव्य विधा को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। यह आयोजन न केवल एक पुस्तक लोकार्पण था, बल्कि साहित्यिक संवाद, सृजन और सम्मान का एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ। कवि गोष्ठी में काव्य पाठ करने वाले कविगण थे-डॉ. राजेश श्रीवास्तव राज, डॉ. सुरुचि सैनी, संगीता वर्मा, डॉ. सरिता र्ग सरि, डॉ. तूलिका सेठ, सीमा कौशिक मुक्त, पूनम सागर, डॉ. कमलेश संजीदा, अजीत श्रीवास्तव, दीपिका वाल्दिया, शोभा सचान, राजेश लखेरिया, अर्चना गोयल, अर्चना मेहता आदि।

रिपोर्ट – ऋषि कुमार शर्मा

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