‘आस का दामन’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण में सम्मान समारोह सम्पन्न

प्रतिष्ठित चैनल एवं पत्रिका ट्रू मीडिया के तत्वाधान में 15 मार्च 2026 को Tट्रू मीडिया स्टूडियो में सुश्री पुनीता सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘आस का दामन’ का भव्य लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता से सराबोर इस आयोजन में दिल्ली–एनसीआर के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि-कवित्रियाँ और साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अतुल प्रभाकर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया रेडियो दिल्ली के सहायक निदेशक श्री राम अवतार बैरवा उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में वैश्विक हिंदी परिवार, दिल्ली के अध्यक्ष श्री ऋषि कुमार शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में श्री ओमप्रकाश प्रजापति स्वागतकर्ता की भूमिका में रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों ने सुश्री पुनीता सिंह की पुस्तक ‘आस का दामन’ का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पुस्तक की विषयवस्तु, भाषा-शैली और भावात्मक अभिव्यक्ति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कृति जीवन की उम्मीद, संवेदनाओं और मानवीय रिश्तों की सशक्त अभिव्यक्ति है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री अतुल प्रभाकर ने कहा कि साहित्य समाज की चेतना का दर्पण होता है और नई पीढ़ी की लेखिकाएँ जिस संवेदनशीलता से जीवन के अनुभवों को शब्द देती हैं, वह साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करती है। मुख्य अतिथि श्री राम अवतार बैरवा ने कहा कि रेडियो और साहित्य दोनों ही जनमानस से जुड़े माध्यम हैं और इस प्रकार के साहित्यिक आयोजनों से रचनात्मक वातावरण को बढ़ावा मिलता है। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में, वैश्विक हिंदी परिवार, दिल्ली के अध्यक्ष श्री ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि ‘आस का दामन’ आशा, संघर्ष और सकारात्मकता का प्रतीक है, जो पाठकों को प्रेरणा देने वाली कृति है। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत मनमोहक एवं सुमधुर अंदाज में सुश्री पूजा श्रीवास्तव तथा कवि नीरज नयन ने किया। दोनों संचालकों ने अपनी प्रभावशाली शैली और साहित्यिक प्रस्तुति से पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा। काव्य गोष्ठी में दिल्ली-एनसीआर के 40 से अधिक कवि-कवित्रियों ने भाग लेकर अपनी रचनाओं का पाठ किया। देशभक्ति, प्रेम, सामाजिक सरोकार, जीवन दर्शन और समकालीन विषयों पर प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। श्रोताओं ने प्रत्येक रचना का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और पूरे वातावरण में साहित्यिक रस की सुगंध फैल गई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, कवि-कवित्रियों एवं सहयोगियों को अंगवस्त्र, पुष्पहार तथा उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों ने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यिक संस्कृति को सशक्त बनाने के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। इस प्रकार साहित्यिक सौहार्द, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए यादगार बन गया।
