‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ ने जीता प्रथम पुरस्कार

भारत व मॉरीशस सरकार की द्विपक्षीय संस्था, ‘विश्व हिंदी सचिवालय’ के द्वारा ‘विश्व नाटक दिवस’ के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय हिंदी नाटक प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया गया। 16 से 25 वर्ष की आयु के कलाकारों द्वारा अभिनीत ‘नए युग में हिंदी भाषा’ विषय पर आधारित हिंदी नाटक की समयावधि पाँच मिनट निर्धारित की गई। पाँच भौगोलिक क्षेत्रों – 1. अफ्रीका व मध्य पूर्व, 2. अमेरिका, 3. एशिया व ऑस्ट्रेलिया (भारत के अतिरिक्त), 4. यूरोप और 5. भारत से प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई। एशिया व ऑस्ट्रेलिया भौगोलिक क्षेत्र के अन्तर्गत ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नया युग, नई पीढ़ी और हिंदी भाषा पर आधारित इस संक्षिप्त नाटक में हिंदी भाषा का अध्य्यन कर रही नई पीढ़ी की चिंता, चुनौती और मनोभावों को समेटने के साथ ही, परिवार और परिवेश की भूमिका को रेखांकित किया गया है। मशीनी मेधा के युग में उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख करते हुए भाषा के इस संक्रमण काल में हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि पर हो रहे आधुनिक विमर्श को कम शब्दों में सरलता से नाटकीय स्वरूप में प्रदर्शित किया गया है। नाटक की पटकथा, निर्देशन, छायांकन एवं संपादन ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती आराधना झा श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ की युवा कलाकारों – सुश्री वागीशा वाणी और सुश्री रिद्धिमा मिश्रा ने नाटक में केन्द्रीय भूमिकाएँ निभाई।
सत्रह वर्षीय वागीशा वाणी सिंगापुर की स्थाई निवासी हैं और रैफ़ल्स इंस्टीट्यूशन (Raffles Institution) में कक्षा 11 की बहुमुखी प्रतिभासंपन्न छात्रा हैं। कला और अभिव्यक्ति के विभिन्न क्षेत्रों में रुचि रखने वाली वागीशा नियमित रूप से वाद-विवाद, भाषण एवं नृत्य प्रतियोगिताओं में भाग लेती रहती हैं और कई पुरस्कार जीत चुकी हैं। भरतनाट्यम् में आठ वर्षों का नृत्य प्रशिक्षण प्राप्त वागीशा, हिंदी सोसायटी सिंगापुर के वार्षिक उत्सव के साथ ही भारतीय उच्चायोग सिंगापुर द्वारा महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों का कुशल संचालन भी कर चुकी हैं। सामुदायिक गतिविधियों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों में अपना सक्रिय और महत्त्वपूर्ण योगदान दे रही वागीशा भविष्य में कानून के क्षेत्र में उच्च अध्ययन करने की आकांक्षा रखती हैं।
उन्नीस वर्षीय रिद्धिमा मिश्रा सिंगापुर की नागरिक हैं और नान्यांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU) में जैव अभियांत्रिकी (Bioengeneering) का अध्ययन कर रही हैं। अभिव्यक्ति और मंच प्रस्तुति में विशेष रुचि रखने वाली रिद्धिमा को भाषण, संचालन और दर्शकों से जुड़ना बहुत पसंद है। वर्षों के प्रशिक्षण के बाद कत्थक में डिप्लोमा प्राप्त रिद्धिमा, लगातार सीखने में विश्वास करती हैं। स्वयं को अभिव्यक्त करने और अपने कार्यों से सकारात्मक प्रभाव डालने का प्रयास कर रही रिद्धिमा,हिंदी कथा-कहन एवं अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कृत हो चुकी हैं। रिद्धिमा को पढ़ने और विभिन्न प्रकार की कहानियों को समझने का शौक है जो उनकी सोच और अभिव्यक्ति को समृद्ध बनाता है।
‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ के इन दोनों युवा कलाकारों की रुचि, सक्रियता एवं उपलब्धि नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्ति दिलाती है। सिंगापुर की इस नाट्य मंडली का नाम उगना महादेव को समर्पित है, जो मिथिला में जनकवि विद्यापति और उनके आराध्य भगवान शिव के परस्पर आध्यात्मिक भाव-संबंध के अद्भुत प्रतीकस्वरूप हैं। वर्ष 2022 में गठित ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ के द्वारा मैथिल कोकिल कवि विद्यापति एवं उगना महादेव पर आधारित मूलत: मैथिली एवं बाद में हिंदी भाषा में अनूदित नाटकों का सफल मंचन किया जा चुका है। वर्ष 2025 के फरवरी माह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के 25वें अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव में ‘विश्व जन रंग’ के तहत ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ द्वारा पंचम वेद पर आधारित लघु नाट्य-प्रस्तुति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।
वर्ष 2025 के सितंबर माह में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय रंगमंच कार्यशाला में ‘उगना नाट्य मंडली सिंगापुर’ को आमंत्रित किया गया। श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित नाटक की पटकथा-लेखन के साथ ही, श्रीकृष्ण की केंद्रीय भूमिका उगना नाट्य मंडली की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती आराधना झा श्रीवास्तव ने निभाई। उगना नाट्य मंडली सिंगापुर की ओर से कार्यशाला में सहभागिता कर रही श्रीमती श्वेता वर्मा सिंघल जी ने नाटक में अर्जुन और श्री राजीव कुमार मिश्रा जी ने धृतराष्ट्र की भूमिका निभाई। इस नाटक को मॉरीशस के गणमान्य अतिथियों एवं सुधी दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।

रिपोर्ट – अराधना झा श्रीवास्तव
