“सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा” पुस्तक पर कार्यक्रम

चंडीगढ के सेक्टर 7 स्थित ‘द हेजहॉग कैफ़े’ में 6 मई को हुई पुस्तक परिचर्चा हुई जिसका सम्पादन वंदना यादव जी ने किया | ‘सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा’ पुस्तक पर बात करने के लिए, लेखक बल्ली सिंघा, अनिंदर (अनु) मान एवं कैप्टन सुखजीत सनेवाल उपस्थित थीं। कार्यक्रम का सफल संचालन शिवानी यादव ने किया। बड़ी संख्या में सैनिकों, सैनिक परिवारों तथा शहर के गणमान्य जनों की उपस्थिति रही। पुस्तक की सह-लेखक बल्ली सिंघा, अनिंदर (अनु) मान तथा कैप्टन सुखजीत सनेवाल एवं संपादक वन्दना यादव ने अपने-अपने अनुभव साझा किये। तीनों लेखिकाओं ने पुस्तक में शामिल होने से लेकर बीते समय की यादों को पुनर्जीवित किया। संपादक वन्दना यादव ने इस शृंखला की दूसरी पुस्तक में डायरीज की चयन प्रक्रिया से लेकर अन्य संपादकीय पहलू पर अपने विचार रखे। सवाल-जवाब सत्र में उपस्थित जन समूह ने संपादक एवं लेखकों से इस जीवन से जुड़े चुनौतीपूर्ण सवाल किये गए। अपने जीवन तथा लेखकीय अनुभव के आधार पर मिले जवाब ने इस अलग तरह की शाम को यादगार बना दिया। इस कार्यक्रम में पूर्व आवा अध्यक्षा डॉ रंजना मलिक, जनरल आई.एस. सिंघा, जनरल एवं मिसेज अंजु गिरीराज सिंह, ब्रिगेडियर एवं मिसेज सी.पी.एस. पसरीचा, ब्रिगेडियर मनिंदर दीप सिंह मान, ब्रिगेडियर टी.पी.एस. वाधवा, कर्नल एवं मिसेज महेंद्रू, कर्नल पी के यादव, कैप्टन मोनिशा बख्शी, डॉ बंदिता, कुसुम नेहरा, श्री कृपा सिंधु यादव, डॉ.एस.पी. राजीव रंजन, श्री चंडी प्रसाद, अंजली कामरा, जसविंदर कौर, कर्नल अशोक कुमार, ओमप्रकाश यादव, कर्नल दीपक कुमार, विकास दुग्गल एवं अन्य अनेक जन उपस्थित रहे।
रिपोर्ट :- वंदना यादव
