इमरजेंसी के सबक’ : लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय चेतना पर सार्थक संवाद

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के उमंग सम्मेलन कक्ष में आयोजित संवाद “इमरजेंसी के सबक” में देश के प्रख्यात चिंतकों एवं वक्ताओं ने आपातकाल के दौर, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के महत्व पर विचार साझा किए। मुख्य वक्ता एवं आईजीएनसीए के अध्यक्ष पद्म भूषण रामबहादुर राय ने कहा कि आपातकाल को स्मरण करते हुए ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का निर्णय उस दौर की वास्तविकता और लोकतांत्रिक चेतना को याद रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध विचारक के. एन. गोविंदाचार्य, मनमोहन सिंह चावला, राजकुमार भाटिया एवं डॉ. अग्निवेश अवस्थी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा संस्थान के सचिव राकेश सिंह ने किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, नरेश सिरोही, डॉ. भगवान सिंह आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर अजय सेतिया की पुस्तक “आपातकाल: आंदोलन और अंतर्कलह की कथा” का भी लोकार्पण किया गया।
