सोफिया में गूंजी भारत की सांस्कृतिक विरासत, ‘भारत—समय से परे’ पर हुआ विशेष व्याख्यान

सोफिया, 24 जुलाई 2026। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आई.ओ.एम.) बुल्गारिया, मल्टी कल्टी और देवम फाउंडेशन के साझे सहयोग से सोफिया के सेंट्रल हॉल में भारत की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं पर केंद्रित एक प्रेरणादायक बहुराष्ट्रीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग और विविध जीवनानुभवों वाले लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागी भारत के इतिहास, परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने की जिज्ञासा से इस आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘भारत—समय से परे: ज्ञान, परंपराएं और सांस्कृतिक प्रभाव’ विषय पर दिया गया व्याख्यान रहा। यह व्याख्यान भाषा-विज्ञान विशेषज्ञ, सेंट क्लेमेंट ऑफ ओह्रिड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर तथा देवम फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. मौना कौशिक ने प्रस्तुत किया। भारत में जन्मीं और लंबे समय से बुल्गारिया में रह रहीं डॉ. कौशिक ने रोचक कथाओं और ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से भारत के दर्शन, धर्म, आध्यात्मिक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक विविधता से उपस्थित लोगों को परिचित कराया। व्याख्यान के दौरान भारत और बुल्गारिया के बीच मौजूद सांस्कृतिक समानताओं ने प्रतिभागियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। भारत की विशाल जनसंख्या और उसकी असाधारण भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता के बावजूद दोनों देशों के बीच साझा परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक तत्वों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। इस संवाद ने उपस्थित लोगों में भारतीय संस्कृति को और गहराई से जानने की उत्सुकता उत्पन्न की। व्याख्यान के बाद एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति, दैनिक जीवन, दर्शन और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे। डॉ. मौना कौशिक ने प्रश्नों के उत्तर देते हुए भारत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम का समापन आत्मीय और अनौपचारिक वातावरण में हुआ, जहां प्रतिभागियों ने पारंपरिक भारतीय चाय और भारतीय व्यंजनों का आनंद लेते हुए आपसी संवाद जारी रखा। इस आयोजन ने भारत और बुल्गारिया के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने तथा भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बुल्गारिया के लोगों के बीच परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कार्यक्रम ‘समाज की जागरूकता और सहनशीलता को बढ़ावा देना तथा समावेशन का समर्थन’ पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे बुल्गारिया के राष्ट्रीय कार्यक्रम 2021–2027 के तहत असाइलम, माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन फंड (ए.एम.आई.एफ) से वित्तीय सहयोग प्राप्त है। बहुराष्ट्रीय सांस्कृतिक संध्या ने विविध संस्कृतियों के बीच संवाद, समझ और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देने का सार्थक संदेश दिया।

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