राष्ट्रीय संस्था ‘माटी’ द्वारा डॉ. राही मासूम रज़ा की स्मृति में
एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन

प्रख्यात साहित्यकार, कवि और पटकथा लेखक, डॉ. राही मासूम रज़ा की जन्मशती के ऐतिहासिक अवसर पर, पूर्वांचल की कला और संस्कृति के संरक्षण को समर्पित राष्ट्रीय संस्था ‘माटी’ द्वारा नई दिल्ली के पी-एच. डी. चैंबर में एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। यह गरिमामयी आयोजन डॉ. रज़ा की साझी विरासत और उनकी धर्मनिर्पेक्षात्मक अवधारणाओं से संबंधित सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने के लिए देश के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले शताधिक साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की वर्षभर चलने वाली श्रृंखला के क्रम में एक विशिष्ट उपक्रम है।
समारोह के पहले भाग में, रामपुर-सहसवान घराने के पद्मश्री उस्ताद हफीज़ अहमद ख़ान की शिष्या और बहुआयामी प्रख्यात गायिका, सुश्री नूपुर सिद्धू नारायण ने अपनी सुमधुर आवाज में गायन के माध्यम से समां बांध दिया। उन्होंने डॉ. राही मासूम रज़ा द्वारा रचित प्रसिद्ध भजनों, गज़लों और फिल्मी गीतों की प्रस्तुति दी।
माननीय मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री विनीत सरन द्वारा ‘माटी’ के संयोजक श्री आसिफ आज़मी, श्री प्रताप सोमवंशी, वरिष्ठ पत्रकार श्री जयशंकर गुप्ता और ‘सावित्री ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के संस्थापक श्री रवि शंकर राय की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक दीप-प्रज्वलन कर, इस समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
सुप्रसिद्ध नृत्यांगना, डॉ. सोनल मानसिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में भारत की साझी संस्कृति (गंगा-ज़मुनी तहज़ीब) को मजबूत करने में राही मासूम रज़ा के योगदान की सराहना की। मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात फिल्म निर्माता श्री मुज़फ्फर अली ने राही साहब के करिश्माई व्यक्तित्व और उनकी शायरी पर चर्चा की। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने राही साहब के प्रगतिशील और समतावादी विचारों पर अपनी बात रखी। प्रो. के.जी. सुरेश ने राही साहब के अकादमिक उपलब्धियों और उनके द्वारा समाज पर डाले गए प्रभाव पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती ममता कालिया ने डॉ. राही के साहित्यिक योगदान और उपन्यासों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन ‘माटी’ के संयोजक श्री आसिफ़ आज़मी के धन्यवाद-ज्ञापन और उनके समापन-वक्तव्य के साथ हुआ। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ‘माटी’ ट्रस्ट, इस पूरे जन्मशती वर्ष (अगस्त 2026 से अगस्त 2027 तक) के दौरान देश के कोने-कोने में डॉ. राही मासूम रज़ा के विचारों से भारतीय समाज को जोड़ने के अपने उप्रक्रम को जारी रखेगा। कार्यक्रम का विधिवत संचालन श्री रहमान मुसव्विर ने किया।
